सऊदी अरब ने 2014 में ही बदल दिए थे महिला हज नियम

8:49 pm Published by:-Hindi News

पिछले कुछ दिनों में, नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने महिलाओं से संबंधित नियमों को बदलने पर महिलाओं को राहत दिलाने के लिए हर जगह उनकी खूब वाहवाही हो रही है. यह मामला है मेहरम यानी (पुरुष अनुरक्षण) के बिना हज पर जाने का. प्रधान मंत्री मोदी ने रविवार को “मन की बात” में कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय (MoMA) ने मुस्लिम महिलाओं के इस “अन्याय” को नियमों से बाहर करने की बात कही थी.

मंत्रालय ने बाद में कहा कि 45 साल से ज्यादा उम्र की मुस्लिम महिलाओं को हज पर कम से कम चार के एक समूह में मेहरम के बिना जाने की इजाजत दी गई है . लेकिन मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान इस बात का ज़िक्र नहीं किया कि सिर्फ निश्चित उम्र वाली महिलाओं को हज के समूह में यात्रा करने की इजाज़त मिल गयी है.

क्या वाकई भारत सरकार को इस फैसले का श्रेय मिलना चाहए? 

अब आपको बता दें कि सऊदी अरब सरकार ने 45 साल से ज्यादा उम्र की  महिलाओं कोसंगठित समूहों में यात्रा करने इजाज़त मिल गयी थी. यह नियम सऊदी सरकार ने 2014 से लागू कर दिया था. इससे साफ़ ज़ाहिर होता की भारत ने इस मुद्दे पर अब बात की है.

अक्टूबर 2016 में सऊदी के नियमों ले लागू होने के दो साल बाद, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय (MoMA) द्वारा स्थापित एक समिति ने हज की नीति का अध्ययन किया बताया की पुरुष अनुरक्षण के बिना 45 साल से ज्यादा उम्र वाली महिलाओं को यात्रा करने इजाज़त दी जाती है.

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सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय समझौते वाले देशों ने अपनी महिला नागरिकों को 2014 से ही मर्द के बिना हज की यात्रा पर जाने की इजाजत दे दी थी, जो हालांकि भारतीय मुस्लिम महिलाओं के लिए यह नियम 2018 से लागू किया जाएगा.

इस बात पर करना होगा कि अगर इस बीच भारत ने नियमों को बदल दिया और सऊदी के वीजा दिशानिर्देश ने नियमों को नहीं बदला तो भारतीय मुस्लिम महिलाओं को पुरुष अनुरक्षण के बिना हज की यात्रा की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

आपको बता दें कि, क़ुरान में यह कहीं नहीं कहा गया है औरत को हज करने के लिए मर्द के साथ जाना ज़रूरी है. हालाकि सऊदी अरब ने सबसे पहले नियमों को बदले के बारे में सोचकर महिलाओं को राहत दी थी इसके बाद सभी देशों ने इसके लिए हामी भारी थी.

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हालांकि यह अच्छा है कि भारत सरकार ने आखिरकार मुद्दे पर बात की है,  भारतीय मुसलमानों के लिए सही सुधार तब होगा जब भारत सरकार निजी एयरलाइनों के बजाये प्राइवेट एयरलाइनों को उड़ान भरने की इजाज़त देगा. फिलहाल सरकारी वाहक एयर इंडिया से ही हज के लिए उड़ान भरी जाती है जिनकी कीमतें काफी ज्यादा होती है.

प्राइवेट एयरलाइनों को इजाज़त मिलने से कीमतें सस्ती होंगी और भारत से ज्यादा से ज्यादा मुसलमान हज की यात्रा कर पाएँगे.

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