Sunday, September 26, 2021

 

 

 

“मेरा कैमरा ही मेरी बन्दूक है” मिलिए 10 वर्ष की फिलिस्तीनी जर्नलिस्ट से

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नबी सालेह – फिलिस्तीन की जाना जिहाद अय्याद जो इस महीने 10 वर्ष की हुई है खुद को दुनिया की सबसे छोटी जर्नलिस्ट बताती है.

वेस्ट बैंक के नबी सालेह गाँव की रहने वाली जाना अय्याद स्थानीय बच्चो के साथ इस्राइली विरोध प्रदर्शनों ने भाग लेती रहती है इस्राइली ज़ुल्म की दास्तान उन्होंने अपने कैमरे में तब कैद करनी शुरू की जब वो मात्र 7 वर्ष की थी.

अधिकतर पत्रकार फिलिस्तीन की सच्चाई से दुनिया को रूबरू नही कराते है इसीलिए मैंने सोचा .. क्यों ना मैं ही कुछ करूँ .. और अपने गाँव में होने वाली इस्राइली कार्यवाई को कमरें में कैद करके दुनिया को दिखाना शुरू किया” अल जजीरा से अपने इंटरव्यू में अय्याद ने कहा.

परिवार में दो लोग हो चुके है इसराइली ज़ुल्म का शिकार 

अय्याद के परिवार में वैसे तो कोई भी जर्नलिस्ट नही है लेकिन चाचा बिलाल तमीमी जो खुद एक फोटोग्राफर है उन्होंने नबी सालेह गाँव में इस्राइली हिंसाओं की डाक्यूमेंट्री बनाई है अपने चाचा से प्रभावित होकर अय्याद ने जर्नलिज्म की तरफ कदम रखा.

“मैं लोगो से बात करती हूँ की आसपास क्या हो रहा है, मैं देखती हूँ की किस तरह इस्राइली सैनिक हमारी ज़मीनों को घेर रहे है इससे बढ़कर और भी बहुत कुछ हो रहा है”

अपने चचेरे भाई मुस्तफा तमीमी, चाचा रुश्दी तमीमी की मौत देख चुकी अय्याद बताती है की उनके भाई को ज़हरीली गैस छोड़कर मारा गया जबकि चाचा रुश्दी को गोली मारी गयी.

उस दिन से अय्याद ने अपना काम करना शुरू किया अपने परिवार के साथ सफ़र करती है तथा माँ के मोबाइल फ़ोन से जेरुसलम, हेब्रोन जैसी जगहों पर जाकर विडियो शूट करती है उनके विडियो में वो कड़वा सच होता है जो दुनिया देखने से डरती है खासतौर पर फिलिस्तीनी बच्चों को लेकर हिंसाएँ.

अपने बच्चे होने का फायदा बताते हुए अय्याद कहती है की “मेरे छोटे होने के कारण इस्राइली सैनिक मुझपर ध्यान नही देते और मुझसे बड़े जर्नलिस्टो का कैमरा छीन लेते है”.

खुद को न्यूज़ सेलेब्रिटी बताने वाली अय्याद के फेसबुक पेज पर 22 हजार लाइक है और अपने फेसबुक पेज से ही इस्राइली सैनिकों के विडियो अपलोड करती है जो अरबी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में होते है.

अय्याद कहती है “मेरा कैमरा ही मेरी बन्दूक है, कैमरा बन्दूक से अधिक शक्तिशाली है .. मैं अपना सन्देश छोटे लोगो तक पहुंचा सकती हूँ और वो इसे आगे भेज सकते है“.

बेटी पर गर्व है लेकिन दिल में डर 

उनकी माँ नावाल तमीमी के दिल में अपनी बेटी को लेकर हमेशा डर बना रहता है लेकिन उन्हें अय्याद पर गर्व है.

“मैं अपनी बेटी पर गर्व करती हूँ क्यों की बच्ची होने के वाबजूद वो अपना सन्देश लोगो तक पहुंचती है वो अपने आंसू शेयर करती है… जो वो महसूस करती है वो शेयर करती है… और बच्चो की समस्याओं को बताती है, लेकिन मैं उसे लेकर डरती रहती हूँ, जब रात में इस्राइली सैनिक हमारे घरों के पास आते है हमारे घरों में आंसू गैस छोड़ते है और सुबह को हम धुएं में आँखें खोलते है, वो हमारे लोगो पर हमला करते है उसे लेकर हमेशा डर का माहौल बना रहता है ” नावाल ने अल जजीरा को बताया.

(ये लेख अलजज़ीरा पर प्रकाशित किया गया इस लिंक के माध्यम से आप उसे पढ़ सकते है, जिसे उर्वशी सरकार ने लिखा था, तथा बाद में कोहराम न्यूज़ के लिए हिंदी में अनुवाद किया गया)

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