मोहम्मद सैफ खान ने आम के बाग को बच्चों के लिए बदल दिया बॉक्सिंग रिंग में

आज के समय महिलाएं जिस तरह से तेजी से आगे बढ़ रही हैं वैसे ही बहुत सी महिला अपने सेल्फ डिफेंस के लिए कराटे और बॉक्सिंग सीखती हैं और यह उनके लिए बहुत जरूरी होता है जिससे कि कभी अकेले होने पर किसी भी तरह की मुश्किल में पड़ जाए तो उन्हें किसी की जरूरत ना पड़े। मलीहाबाद के बॉक्सिंग टीचर का अनोखा अंदाज सोशल मीडिया पर को वायरल हो रहा है यह बॉक्सिंग टीचर का नाम मोहम्मद सैफ खान है। यह मलिहाबाद के ही रहने वाले हैं जोकि सुबह के वक्त लड़कियों को बॉक्सिंग सिखाते हैं।

इनकी बॉक्सिंग क्लासेस किसी हॉल में नहीं बल्कि एक आम के बाग में चलती है और 7 से 17 वर्ष की आयु की लड़कियां इनसे बॉक्सिंग सीखने आती हैं बॉक्सिंग का पंचिंग बैग आपको आम के पेड़ पर लटका हुआ मिलेगा और वही खूबसूरत लड़कियां बॉक्सिंग टीशर्ट और शॉर्ट्स पहन कर बॉक्सिंग बैग पर मुक्के मारते हुए नजर आएंगी।

47 वर्षीय कोच मोहम्मद सैफ खान कहते हैं, “मैंने लड़कियों को आत्मरक्षा खेल के रूप में मुक्केबाजी सिखाने के इरादे से शुरुआत की थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में, मेरे दर्जनों किशोर मुक्केबाजों ने पदक और गौरव हासिल किया है।” अपने परिवार के साथ मुख्य रूप से आम के व्यवसाय में लगे होने के कारण, खान ने एक बार उत्तराखंड में राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा की है। लगभग 15 साल पहले एक दिल दहला देने वाली घटना ने इस पूर्व हैवीवेट मुक्केबाज को आम की खेती से ध्यान हटाने के लिए लड़कियों को आत्मरक्षा तकनीकों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने कहा की, “मेरे पड़ोस में एक युवा लड़की के साथ बला’त्कार किया गया था और मैं उसे न्याय दिलाने के लिए कुछ नहीं कर सका, क्योंकि उसके परिवार को डर था कि यौ’न उत्पी’ड़न के बारे में जानकारी प्रकट करने से उनका नाम खराब हो जाएगा,” सैफ, जो अब लड़कियों को सशक्त बनाता है। उनकी एक छात्रा 15 वर्षीय कामना रावत ने जिला स्तर पर दो स्वर्ण पदक जीते हैं। छह बहनों में सबसे छोटी है और वह इस जनवरी में सैफ के बॉक्सिंग सेंटर में शामिल हुईं थी।

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