Sunday, May 22, 2022

महात्मा गाँधी पुण्यतिथि – अफवाहें फैलाने वाले तब भी कितने मौजूद थे!

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आज के दिन नाथूराम गोडसे ने गांधीजी की जान ले ली थी। अगले रोज उनकी शवयात्रा में कोई दस लाख लोग शामिल हुए, जिनमें अनेक देशों के राज्याध्यक्ष भी थे।

गांधीजी की हत्या और शवयात्रा पर बीबीसी के मेरे मित्र रेहान फ़ज़ल ने एक बढ़िया कार्यक्रम तैयार किया है, जो कल शाम और आज सुबह प्रसारित हुआ। इस ओर मेरा ध्यान Joginder Rawat ने दिलाया एक कमेंट के जरिए।

कार्यक्रम में सबसे अहम हिस्सा लगा गांधीजी की जलती चिता का आँखों देखा रेडियो विवरण, मुख्यतः ऑल इंडिया रेडियो पर मेलविल डिमेलो की असली कमेंटरी।

वह प्रसंग भी रोमांचक है जहाँ बताया गया है कि हत्या के बाद माउंटबैटन ने बिड़ला हाउस पहुँचने पर बाहर जब किसी के मुंह से सुना कि गांधीजी को किसी मुसलमान ने मार डाला, उन्होंने बगैर पूरी जानकारी के भी उस आदमी को डपट दिया – बेवकूफ, वह मुसलिम नहीं हिन्दू था। बाद में वह हिन्दू ही निकला।

माउंटबैटन ने तुरतबुद्धि से यह भयानक कल्पना की होगी कि हिन्दू-मुसलिम अविश्वास और खून-खराबे के ताजा अतीत को देखते गांधीजी की हत्या मुसलमान के नाम से प्रचारित हुई तो देश का क्या हश्र होगा … अफवाहें फैलाने वाले तब भी कितने मौजूद थे!

From the Facebook wall of OM Thanvi

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