लखनऊ  रिहाई मंच ने मक्का मस्जिद विस्फोट के मामले में एनआईए कोर्ट से  असीमानंद समेत अन्य आरोपियों के बरी होने किये जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा की मक्का मस्जिद बम विस्फोट मामले में असीमानंद समेत अन्य का बरी होना साबित करता है कि भारत में आतंकवाद के नाम पर राजनीति हो रही है. आखिर मक्का मस्जिद विस्फोट में मारे गए लोगों का दोषी कौन है.

रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे मुठभेड़ को भी राजनीतिक मामला करार दिया. रिहाई मंच ने 18 अप्रैल को भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर की रिहाई के लिए होने वाले आन्दोलन को समर्थन दिया.

मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि 2007 में मक्का मस्जिद विस्फोट में 9 लोग मारे गए 50 घायल हुए. इतने अरसे बाद जब असीमानंद जैसे लोग रिहा हो रहे हैं तो साफ़ हो जाता है की आतंकवाद के नाम पर राजनीति की जा रही है. आखिर 9 लोगों की मौत का दोषी कौन है.  उन्होंने उत्तर प्रदेश में लगातार चल रहे मुठभेड़ को भाजपा की राजनीति करार देते हुए कहा कि योगी सरकार पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है.

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उन्होंने कहा की अभी हाल में सोशल मीडिया पर सामने आया की किस तरह से भाजपा नेता इस खेल में शामिल हैं. आज़मगढ़ में हुए एक दिन में चार मुठभेड़ पर उन्होंने सवाल करते हुए कहा की 16 अप्रैल को जिस तरह पुलिस का रवैया रहा पर पूरे मामले को फर्जी साबित करने के लिए पर्याप्त है की किस तरह से पुलिस निर्दोष लोगों को उठा लेती है और अगर सवाल उठ जाता है तो छोड़ देती है.

गौरतलब आजमगढ़ में विनोद यादव पुत्र रामवृक्ष यादव को पुलिस ने उठाया था और फिर जैसे ही सवाल उठने लगा देर रात उनको छोड़ दिया गया. मंच महासचिव ने मांग की कि आजमगढ़ में मुठभेड़ में पांच लोग मारे जा चुके हैं जिनमें रामजी पासी, मुकेश राजभर और जयहिन्द यादव के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग जाँच कर रहा है. इस स्थिति में आजमगढ़ पुलिस कप्तान को तत्काल आजमगढ़ से हटाया जाना चाहिए, तभी निष्पक्ष जाँच हो सकती है. मंच ने भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर के रिहाई के लिए होने वाले 18 अप्रैल आन्दोलन का समर्थन किया है.

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