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वरिष्ट पत्रकार रवीश कुमार

मोदी सरकार सोशल मीडिया पर अति-सक्रिय सरकार है। ट्विटर, फेसबुक, क्वारा पर मोदी और उनके मंत्रियों की सक्रियता का अध्ययन नहीं हुआ है। जबकि होना चाहिए। कौन मंत्री सिर्फ प्रधानमंत्री का ट्विट को दोबारा से ट्विट करता है और कौन मंत्री जन्म जयंती और त्योहारों को नमन करना नहीं भूलता है। मंत्रियों द्वारा याद किए जाने वाले महापुरुषों की सूची बनाकर देखनी चाहिए कि याद करने का इनका पैटर्न क्या है। किन लोगों को याद किया जाता है। किन लोगों को याद करने से छोड़ दिया जाता है।

एक बार हमने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के ट्वीटर टाइम लाइन का अध्ययन किया था। एक खास टाइम फ्रेम का कि उसे देख कर लगता है कि जावड़ेकर साहब ताक लगाकर बैठे रहते हैं कि कब प्रधानमंत्री ट्विट करेंगे और कब वे इसे री-ट्वीट कर देंगे। उसी तरह 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच पीयूष गोयल के ट्वीटर की टाइम लाइन पर उनकी सक्रियता का एक अध्ययन पेश कर रहा हूं। ग़लती होने की संभावना है, बताने पर सुधार करूंगा। @PiyushGoyal का हमने अध्ययन किया है।

पीयूष गोयल ट्वीटर पर अति-सक्रिय मंत्रियों में से हैं। 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच उनकी टाइम लाइन पर रेल मंत्रालय से संबंधित आंकड़ें और वीडियो ख़ूब मिलेंगे। प्रधानमंत्री, बीजेपी और, अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद प्रधान, निर्मला सीतारमण और अमित शाह के ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। कोयला मंत्रालय, पीआई बी को लेकर भी ट्वीट होता है। मंत्री जी कहां कहां बोल रहे हैं, उसकी भी जानकारी और वीडियो ट्वीट होता है। नमो एप का भी ख़ूब प्रचार करते हैं। नमो एप डाउनलोड करें, नमो टी-शर्ट, टोपी और नोट पैड ख़रीदने के ट्विट को री-ट्वीट करते रहते हैं।

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अब आइये देखते हैं कि इस एक महीने में पीयूष गोयल ने किन किन लोगों को जन्मदिवस या पुण्यतिथि पर याद किया, उन्हें किन किन लोगों से प्रेरणा मिलती है। इतने लोगों से प्रेरित पीयूष गोयल पर क्या असर हुआ होगा, यह मैं नहीं बता सकता। अगर वाकई इतने लोगों ने देश और गोयल को प्रेरित किया है तो इसमें कोई शक नहीं कि पीयूष गोयल प्रेरित होते होते 21 वीं सदी के महान नेताओं में से एक लगते हैं या हो ही जाएंगे।

जन्मदिन, जयंती और त्योहारों पर गोयल के ट्वीट-

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री आबे शिंजो, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और गजेंद्र सिंह शेखावत, ए पी जे अब्दुल कलाम, विश्वेश्वरैया, रामधारी सिंह दिनकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भगत सिंह, जयप्रकाश नारायण,नानाजी देशमुख, लाल बहादुर शास्त्री, महात्मा गांधी, महाराजा अग्रसेन जयंती। त्योहारों में विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रा की शुभकामाएं ।

एक महीने के भीतर पीयूष गोयल ने 17 लोगों का जन्मदिन याद किया है। 2 त्योहारों पर शुभकामानाएं दी हैं।

11 अक्तूबर को जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए लिखा है कि “ जय प्रकाश नारायण की जन्म जयंती पर सादर नमन। संपूर्ण क्रांति के मंत्र को संपूर्ण विकास क्रांति के मंत्र में परिवर्तित करने औऱ लोकतंत्र के मूल्यों को और अधिक प्रबल करने की प्रेरणा हमें उनके प्रेरणादायी जीवन से मिलती रही है।“ उसी दिन वे नानाजी देशमुख से भी प्रेरित हैं। लिखते हैं कि “ राष्ट्रसेवा एवं मानव कल्याण के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पित करने वाले महान विचारक राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख जी की जयंती पर शत शत नमन। उनका यह कथन मैं अपने लिए नहीं, अपनों के लिए हूं, हम सभी को समाज के विकास के लिए प्रेरित करता रहेगा।“

8 अक्तूबर को वायुसेना दिवस पर बधाई देते हैं और 10 को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। 28 सितंबर को भगत सिंह के जन्मदिवस पर कहते हैं कि “ मां भारती के लाल जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और आज भी युवाओं के समझ देश प्रेम का उदाहरण है, ऐसे शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर मेरा शत शत नमन।“ 25 सितंबर को ट्वीट करते हैं कि “ एकात्म मानववाद जैसे प्रगतिशील दर्शन को समस्त विश्व के समझ रखने वाल पं दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें नमन। पं दीनदयाल के जीवन दर्शन को व्यवहार में लाते हुए एक आदर्श समाज स्थापित करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।“

रेल के बहाने काम चुनाव का…

रेलवे की समस्या को लेकर भी लोगों ने ट्वीट किए होंगे, मगर इस एक महीने में मंत्री जी ने जनता के किसी भी ट्वीट का जवाब नहीं दिया है। एक दो ट्वीट मिले जिनमें रेलवे की तारीफ है, उसे ही ट्वीट किया है। सीसीटीवी से एक चोर पकड़ा गया है उसे ट्वीट करते हैं। अंधेरी स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने चोरी में कमी लाई है, इस खबर को ट्विट किया है। रेल में आ रहे बदलावों की और भी कई सूचनाएं हैं। एक पैटर्न और दिखा है, जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं वहां वे बतौर रेल मंत्री जाते हैं और राजनीतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते हैं। जैसे किसी कार्य की समीक्षा कर लेते हैं और बाकी बचे वक्त में रोड शो में हिस्सा लेते हैं।

रेलवे का काम और साथ-साथ राजनीति भी

पिछले एक महीने में रेल मंत्री छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में काफी सक्रिय नज़र आते हैं। वहां रेलवे और कोयला मंत्रालय के कार्यों को भी ट्वीट करते हैं मगर साफ साफ दिखता है कि मंत्री जी इन तीन राज्यों में विशेष रूप से क्यों सक्रिय हैं। जब अप्रैल मई में मैं रेल सीरीज़ कर रहा था और बता रहा था कि गाड़ियां कई घंटों की देरी से चल रही हैं तब गोयल ने कहा था कि पिछली सरकारों ने राजनीतिक कारणों से गाड़ियों की घोषणा कर दी जिसके कारण पटरियों पर दबाव बढ़ा है। आप उनके टाइम लाइन पर जाकर देखिए कि क्या गोयल भी वही कर रहे हैं यानी चुनावी कारणों से रेल लाइन और रेल गाड़ियों का शुभारंभ कर रहे हैं?

6 अक्तूबर को ट्वीट करते हैं कि वे छत्तीसगढ़ में हैं। मुख्यमंत्री रमनसिंह के साथ अटल विकास यात्रा में भाग लिया औरर छत्तीसगढ़ में कटघोरा-मुंगैली-कवर्धा डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास के साथ कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस का शुभारंभ किया। साथ ही इसी दिन के ट्वीट में बताते हैं कि 24 सितंबर के छत्तीसगढ़ दौरे पर राज्य के लिए रेलवे की परियोजनाओं का जो प्रस्ताव रखा उसे प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने मात्र 2 दिन में 26 सितंबर को कैबिनेट की छत्तीसगढ़ की जनता के लिए तुरंत मंज़ूरी दी। कमाल है। है न।

26 सितंबर को रेल मंत्री राजस्थान में हैं। ट्वीट करते हैं कि वे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अमित शाह के साथ धानक्या रेलवे स्टेशन पर हैं जहां पर पंडित दीनदयाल जी ने अपना बचपन व्यतीत किया था। वहां उनके स्मारक का लोकार्पण किया और भाषण दिया है।

24 और 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में हैं। वहां चुनाव होने वाले हैं। उनके ट्वीट से पता चलता है कि वे कोयला खदानों और रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने गए हैं मगर यह भी साफ दिखता है कि चुनावी कारणों से वहां हैं। सरकारी ख़र्चे पर। 25 को ट्वीट करते हैं कि रायपुर स्टेशन का निरीक्षण किया और यात्री सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया। उसके बाद दो कोयला खदानों के निरीक्षण की तस्वीर ट्वीट हुई है। 24 सितंबर को भी छत्तीसगढ़ में हैं। गेवरा के कोयला खदानों का निरीक्षण करते हैं।

21 सितंबर को शिवराज जी के साथ छिंदवाड़ा में जन आशीर्वाद यात्रा में लोगों को संबोधित करते हैं। 21 को ही हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं। मंत्री जी वहां गए होंगे रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए लेकिन साथ में जनआशीर्वाद यात्रा में भी शामिल हो आए होंगे। सरकार का खर्चा और पार्टी का भी काम। 4 अक्तूबर का ट्वीट बताता है कि आग्रा फोर्ट अहमदाबाद एक्सप्रेस का विस्तार ग्वालियर तक हो गया है।

19 सितंबर का ट्विट है कि कैबिनेट आज इंदौर बुदनी के बीच नई रेल लाइनों की स्वीकृति दी। इस नई रेल लाइन के बनने से क्षेत्र का औद्योगिक सामाजिक व आर्थिक विकास तेज गति से होगा। रेल मध्य प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।

23 सितंबर को ट्विट करते हैं कि आज हरियाणा के गुरुग्राम में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के शुभारंभ पर नागरिकों को संबोधित किया।

आप इन कार्यक्रमों को देखिए, यात्रा में लगने वाले समय का हिसाब कीजिए और फिर सोचिए कि इतनी ज़िम्मेदारियों वाले मंत्री जी मंत्रालय में कब रहते हैं। क्या काम छू-मंतर से हो जाता है?

गोयल बोलते भी काफी हैं

15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच रेल मंत्री ने कई प्रकार के कार्यक्रमों में भाषण का भी ट्वीट किया है। प्रेस कांफ्रेंस का तो है ही। एक महीने में रेल मंत्री, कोयला मंत्री ने दस भाषण दिए हैं।

7 अक्तूबर को देहरादून में हैं जहां उन्होंने राज्य में निवेशकों के सम्मेलन को संबोधित किया है। दो दिन पहले यानी 5 अक्तूबर को हिन्दुस्तान टाइम्स के लीडरशिप समिट में हिस्सा लेते हैं और उसी दिन ग्रेटर नोएडा में दूसरे ग्लोबल रीन्यूबल एनर्जी इंवेस्टर मीट एंड एक्सो में बोल रहे हैं। एक दिन पहले यानी 4 अक्तूबर को वे 2nd international conference on technologies advancement in railways and metro project 18, दिल्ली में भाषण दे रहे हैं।

28 सितंबर को मुंबई में है वहां पर रेल डिजिटाइजेशन प्रोजेक्ट में बोल रहे हैं। 27 सितंबर को बीजेपी महाराष्ट्र कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लिया। 26 सितंबर को दिल्ली में world energy policy summit में भाषण देते हैं। 15, 16,17 और 19 सितंबर को भी भाषण देते हैं। 19 सितंबर को मुंबई में हैं। जहां उन्होंने प्रियदर्शिनी अकादमी के 34 वें सालगिरह पर बोला है। 17 सितंबर को नई दिल्ली स्थित रेलवे अस्पताल का दौरा किया है। लेकिन उसी दिन इंडिया टूरिज़्म मार्ट दिल्ली में भाषण दिया है। 16 सितंबर को सेवा दिवस पर झुग्गी में रहने वाले बच्चों को संबोधित करने का ट्वीट किया है। 15 सितंबर को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता का संकल्प लिया और भाषण दिया है।

इस तरह से अगर आप रेल मंत्री पीयूष गोयल की टाइम लाइन का अध्ययन करेंगे तो पता चलेगा कि पीयूष गोयल ने बिल्कुल आराम नहीं किया है। वे लगातार सक्रिय हैं। उनकी टाइमलाइन पर जो री-ट्वीट है उसे ही देखकर लगता है कि उनका ध्यान हर वक्त प्रधानमंत्री के ट्वीट पर है। उधर से ट्वीट आया नहीं कि इधर से री-ट्वीट हो गया। गोयल लगातार दौरा कर रहे हैं। लगातार भाषण दे रहे हैं। इन सबके बीच काम भी करते होंगे, या कब करते होंगे, यह सोचकर हैरान भी हुआ और प्रभावित भी। इस एक महीने के ट्वीटर अध्ययन से पता नहीं चला कि जनता की समस्या को सुनने और उसके समाधान के लिए कितने उपलब्ध रहे क्योंकि इस बारे में कोई सूचना ही नहीं है। मंत्री जी कह सकते हैं कि वे जो भी कर रहे हैं उससे जनता का ही तो भला हो रहा है।

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