निसंदेह करोड़ों मुसलमानों की तो ये आस्था हैं ही कि पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) उनके लिए दुनिया में हर एक इन्सान व रिश्ते से बढ़कर हैं। यहां तक कि मुसलमान पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) से अपने माँ-बाप, औलाद एवं अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं। और मुसलमानों को सबसे ज्यादा अगर कोई प्रभावित करता हैं तो वो पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) का व्यक्तित्व हैं। मगर ऐसी आस्था सिर्फ मुसलमानों की ही नहीं हैं बल्कि बहुत से गैर मुस्लिम भी हैं जिनका यही मत हैं।

अमेरिका के बहुत बड़े इतिहासकार और लेखक डॉ माइकल एच हार्ट का मानना हैं कि दुनिया के आज तक के इतिहास में पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) से ज्यादा प्रभावशाली व्यक्ति कोई हुआ ही नहीं। इसलिए तो उनके द्वारा लिखी गई किताब दुनिया के इतिहास में 100 सबसे प्रभावशाली लोग  जो कि 1978 में प्रकाशित हुई थी और उसकी 50 लाख प्रतियां बिकी थीं और जिसका कमसेकम 15 भाषाओं में अनुवाद किया गया था में डॉ माइकल एच हार्ट ने इस्लाम के पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) को प्रथम स्थान पर रखा हैं।

इसका कारण देते हुए उन्होंने कहा कि पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) मानवता, धर्म, धर्म-निरपेक्षता, राजनीति, समाज कल्याण, प्रशासन और ऐसे प्रत्येक स्तर पर सबसे सफल व्यक्ति साबित हुए। उनके इस दुनिया से जाने के 1400 वर्ष पश्चात् आज भी वे करोड़ों लोगो के दिलों पर राज कर रहे हैं। आज तक के इतिहास में जितने भी धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक सुधार हुए हैं सबसे अधिक उन्हीं के नाम हैं।

इसीलिए डॉ माइकल एच हार्ट ने पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) को दुनिया के इतिहास में 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में प्रथम स्थान दिया हैं। और यही आस्था मुसलमानों का भी हैं कि पेगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) जैसे महापुरुष न आज तक कोई आये हैं और न कभी आयेंगे।

मोहम्मद जुनेद टाक (राजस्थान)
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