indian prime minister narendra modi shakes hands with u.s. ambassador to the united nations nikki haley before the start of their meeting in new delhi
Indian Prime Minister Narendra Modi shakes hands with U.S. Ambassador to the United Nations Nikki Haley before the start of their meeting in New Delhi, India June 27, 2018. India's Press Information Bureau/Handout via REUTERS ATTENTION EDITORS - THIS PICTURE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY. NO RESALES. NO ARCHIVE.

प्रशांत टंडन

अमेरिका की संयुक्त राष्ट्र में राजदूत निक्की हेली भारत में हैं और ट्रंप ने छ: महीने में तीसरी बार मोदी से बातचीत स्थगित कर दी है। निक्की हैली की धमकियों के गहरे निहितार्थ हैं।

निक्की दरअसल धमकाने आयीं हैं कि भारत ईरान से कच्चे तेल का आयात बिलकुल बंद कर दे। इसका मतलब होगा कि पेट्रोल 100 रु की कीमत पर पहुंच सकता है।

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उनका दूसरा और तीसरा ऐजेंडा है कि भारत अमेरिकी उत्पादों में बढ़ाई ड्यूटी को वापिस ले और रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का इरादा छोड़े।

तीनों ही काम मोदी के लिये मुश्किल हैं और नहीं मानेंगे तो अमेरिका से संबंधों में आई दरार और बढ़ेगी। ये सब विदेश नीति के दिशाहीन होने की वजह से हुआ है।

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भारत ईरान से अपनी ज़रूरत का करीब 17% कच्चा तेल आयात करता है और पिछले साल इसमे 34% की बढ़ोतरी भी हुई है। ईरान से आने वाले तेल की खास बात है कि भारत इसकी कीमत एक बड़ा हिस्सा डालर की जगह आपसी करेंसी में देता है जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होती है। इसके अलावा पेमेंट का एक हिस्सा बार्टर भी है यानि वस्तुओं का आदान प्रदान। अब ईरान ने अमेरिका के बढ़ते दबाव के चलते तेल की मुफ्त शिपिंग और 60 दिन का उधार भी देने का प्रस्ताव दिया है।

केवल ईरान से तेल लेना बंद करने का मतलब है अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त भार और पेट्रोल की खुदरा कीमत 100 रुपए तक जाने का खतरा।

चौथा मामला फाउंडेशन ऐग्रीमेंट के कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल का है जिसमे भारत को अपनी गुप्त संचार कोडिंग अमेरिका से साझा करनी है। फिलहाल तो सेनाओं ने इसका विरोध किया है और रोक रखा है। इन चारों बिन्दुओ पर नज़र रखिये – और देखिये आगे क्या होता है।