”फेक न्यूज़ की फैक्ट्री चला रहा है पाकिस्तान”

शुजाअत अली क़ादरी

भारत के खिलाफ पाकिस्तान कितनी नियोजित फेक न्यूज़ की फेक्ट्री चला रहा है, यह जानना बहुत आवश्यक है। पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध सूचना युद्ध छेड़ रखा है जिसमें वह छक कर फेक न्यूज़ का इस्तेमाल कर रहा है। इस पूरे प्रकरण में उसने आईएसआई के साथ साथ पाकिस्तान सरकार का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कई भाषाओं में भारत के खिलाफ चलाए जा रहे इस सूचना युद्ध में पाकिस्तान अपने घर से फेक आईडी का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है।सूत्रों के आधार पर पता चला है कि पाकिस्तान इसके लिए ट्वीटर का इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तानी ख़ुफिया की इस योजना में इमरान ख़ान की सत्ताधारी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ और आईएसआई की सूचना इकाई मिलकर काम कर रहे हैं। पाकिस्तान की इमरान सरकार के कई मंत्री भी इस फेक न्यूज़ एजेंडे में शामिल हो गए हैं और इनका मक़सद ना सिर्फ भारत के खिलाफ माहौल बनाना है बल्कि भारत के पाकिस्तान के अतिरिक्त मित्र पड़ोसी देशों के साथ संबंध ख़राब करना भी है।

ट्वीटर ने यूज़र को एक सुविधा दे रखी है कि कोई भी अपना यूज़र नेम कितनी बार भी बदल सकता है। पाकिस्तान के खुफिया सूचना संगठन के चेहरे इसी सुविधा का लाभ लेकर कभी ओमानी राजकुमारी बन जाते हैं, कभी श्रीलंका के ब्रिगेडियर, कभी विदेशी ब्लॉगर और कभी कभी चीन सेना की तरफ से भी ट्वीट कर रहे हैं। शुद्ध रूप से पाकिस्तान से चल रहे ‘साउथ एशियन युनाइटेड सोशल मीडिया फ्रंट’ यानी #SAUSMF वेबसाइट sausmf.org के माध्यम से भारत के खिलाफ पूरी तरह एक झूठा प्रचार तंत्र चलाया जा रहा है। यह वेबसाइट भी मालवेयर से भरी हुई है और विज़ीटर की सूचनाओं को चुराने के लिए कई तरह के इंस्टॉल भी परमिशन मांगते हैं। डीएनएस इन्फो यानी सर्वर की जानकारी के आधार पर पता चला है कि इस वेबसाइट को पाकिस्तानी मंत्री जहांगीर तरीन के सर्वर पर स्पेस दिया गया है। यह बताने के लिए काफी है कि पाकिस्तानी सरकार किस तरह SAUSMF के नाम पर भारत विरोधी एजेंडा चला रहे हैं। इस संगठन ने भारत के अलावा दक्षिण एशिया के कई लोगों को सोशल मीडिया पर जोड़ने का झूठा दावा किया है। पाकिस्तान के इस झूठ तंत्र में अफ़ग़ानिस्तान, श्रीलंका, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव के नागरिकों को जोड़ने का दावा किया है। छद्म संगठन SAUSMF के सभी पदाधिकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और इमरान ख़ान सरकार से जुड़े हुए हैं। जो श्रीलंकाई, नेपाली, चीनी और बांग्लादेशी के नाम पर चेहरे और आईडी दिखाई जा रही है, वह या तो झूठी है या पाकिस्तान से ही उन्हें हैंडल किया जा रहा है।

इस ग्रुप से जुड़ी एक ट्वीटर आईडी का एक मज़ेदार किस्सा है। पाकिस्तानी झूठ फेक्ट्री SAUSMF से जुड़े हुए Harith Bilani नाम के एक ट्वीटर यूज़र ने पहले तीन बार श्रीलंकाई नागरिक के तौर पर नाम बदले। फिर ख़ुद को भारतीय बताया और अंत में पाकिस्तानी। ट्वीटर ने तंग आकर इस आईडी को ही ब्लॉक कर दिया। इस गैंग का मकसद भारत को दुनिया में बदनाम करना, पाकिस्तान की सकारात्मक छवि बनाना और भारत के बाकी देशों के साथ संबंध ख़राब करना है।

OSINT रिपोर्ट के अनुसार आफताब आफरीदी, अवैस जावेद सत्ती और आसिम ख़ान नाम के लोग भारत विरोधी इस फेक्ट्री के संचालक हैं। इन तीनों के पाकिस्तानी सेना और केबीनेट मंत्री जहांगीर तरीन से गहरे संबंध हैं। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि नकली समाचार सोशल मीडिया पर वास्तविक समाचारों की तुलना में छह गुना तेजी से यात्रा करते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि झूठी कहानियां “सभी सूचनाओं की सभी श्रेणियों में सत्य की तुलना में अधिक तेजी से, गहराई से और अधिक व्यापक रूप से फैली हुई हैं।” इन प्लेटफार्मों पर प्रसारित की जा रही जानकारी अंततः राजनीतिक और भू-रणनीतिक परिणामों को प्रभावित करती है, और इसलिए सूचना-युद्ध पाकिस्तान को बहुत रास आ रहा है।

भारत से चलने वाली एक वेबसाइट द डिसइन्फोलैब डॉट ओआरजी ने एक रिपोर्ट में कहा है कि जैसा कि हमने इस नेटवर्क के पैटर्न को डीकोड करने के लिए पहल की, हमने इस क्षेत्र में चलाए जा रहे एक बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया डिज़ाइन का पता लगाया, जिसका उद्देश्य दक्षिण एशिया में पड़ोसी देशों के बीच संघर्ष पैदा करना या गलत सूचनाओं के साथ मौजूदा संघर्षों को बढ़ाना था।

(लेखक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पीएचडी और सूचना युद्धनीति के जानकार हैं)

इस dis-info के प्रमुख टूलों में से एक Twitter loophole है। यह उपकरण इतना उपयोगी पाया गया है कि इस खामियों का फायदा उठाने के लिए एक पूरी तरह से नकली संगठन बनाया गया है, यह संगठन बन गया है- साउथ एशियन यूनाइटेड सोशल मीडिया फ्रंट यानी SAUSMF. श्रीलंका में ईस्टर के समय 2019 में हुए बम धमाकों के फौरन बाद पाकिस्तान का यह संगठन सक्रिय हो गया था और यहाँ से यह साबित करने की कोशिश की गई थी कि भारत का इन विस्फोटों में हाथ है। उसी समय यह स्पष्ट हो गया था कि पाकिस्तान किस तरह भारत के संबंध पड़ोसी देशों के साथ ख़राब करने के लिए फेक न्यूज़ का इस्तेमाल कर रहा है।

ट्वीटर की नाम के साथ हैंडल बदलने की नीति ने फेक न्यूज़ को बहुत बढ़ावा दिया है। कई पैरोडी एकाउंट से भारत के खिलाफ रात दिन ज़हर उगला जा रहा है और यह तमाशा रात दिन जारी है।

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