मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून की ज़रूरत : अन्सार सैफ़ी

8:43 pm Published by:-Hindi News
देश के अंदर आये दिन एक भीड़तंत्र सरेआम कानून की धज्जिया उड़ाते हुये अल्पसंख्यको को अपना निशाना बनाकर उनकी हत्याये कर रहा है , साजिश के तहत ऐसी घटनाओ को अंजाम दिया जा रहा है ताकि लोगो मे खौफ़ पैदा किया जा सके ।
प्रशासनिक लचर व्यवस्था से मॉब लिंचिंग करने वाले गुंडो के हौसले बुलंद है देश के अंदर अमन शांति तभी तक संभव है जब तक कानून का राज हो ।
जब कानून को लोग अपने हाथ मे लेकर हत्याये करने लगे तो देश बर्बादी की मुहाने पर खड़ा हो जायेगा जिससे सामाजिक ताना बाना और ज़्यादा खतरे में आ जायेगा और देश की तस्वीर और भी भयावह हो जायेगी । पूर्व एवम हाल ही में कई लोगो की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी जो बेहद शर्मनाक एवम निंदनीय है ।
एक तरफ देश मे महिला सम्मान , महिलाओ को इंसाफ , सबका समान रूप से विकास करना , सबका विश्वास जैसे नारे बुलंद किये जा रहे है वही दूसरी और महिलाओ से उनका सुहाग छीना जा रहा है बच्चो को यतीम किया जा रहा है और सरकार केवल ज़ुबानी बाते कर रही है ।
अल्पसंख्यको को लगातार निशाना बनाया जा रहा है जो इनके द्वारा सबका साथ सबका विकास एवम सबका विश्वास नारे की पोल खोलता है ।
चरमपंथी लोग महज़ अपने राजनीतिक मुफाद के लिये देश के लोगो को आपस मे बांटने का काम कर रहे है जो भारत वासियो के आपसी प्रेम , सौहार्द , भाईचारे एवम शांति के लिये बेहद घातक सोच है अगर वाक़ई देश की सरकार देशवासियो को एक समान रूप से देखती है तो देश मे मॉब लिंचिंग करने वाले अपराधियों को कड़ी सज़ा दे ताकि कानून का बोलबाला रहे नाकि संविधान की धज्जियां उड़ाने वालो का ।
धर्म के नाम पर नफरत की खेती लगाई जा रही है जिसकी फसल चरमपंथी राजनीतिक ताकते वोटो के ज़रिये काटना चाह रही है ।
फिरकापरस्त ताकते जनता को एक ऐसा वर्तमान और भविष्य देना चाहती है जिससे लोग हमेशा एक खौफ़ के साये में जिये और ये लोगो को धर्म के आधार पर डरा धमकाकर अपना राजनीतिक फायदा हासिल करते रहे ।
जब तक इंसानियत सुरक्षित है समाज और देश सुरक्षित है अगर किसी इंसान के अंदर से इंसानियत ही खत्म हो जायेगी तो वो समाज के सभी वर्गो के लिये खतरा बन जाता है इसलिये ऐसे इंसानियत के दुश्मनो का बॉयकॉट करे ।
भारत एक सर्वधर्म सम्मानित देश रहा है इसी खूबसूरती की वजह से ये विश्व मे प्रसिद्ध भी है लेकिन कुछ लोग इसकी इसी खूबसूरती को बर्बाद करना चाहते है देश को एक बेहतर वर्तमान और भविष्य तभी मिलेगा जब सभी को ज़मीनी रूप से साथ लेकर चला जायेगा केवल ज़ुबानी कह देने भर से काम नही चलेगा ।
देश को धार्मिक आधार पर बांटने वालो से सभी को एकजुटता के साथ मुकाबला करना है और एक बेहतर कल की नींव रखना है जब तक मॉब लिंचिंग करने वाले गुंडो को सख्त सज़ा नही दी जायेगी तब तक ऐसे जघन्य अपराध कम नही होंगे और नाही सरकार का नारा सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास सार्थक ही सिद्ध होगा ।
अगर वाक़ई सरकार मॉब लिंचिंग को लेकर चिंतित है तो अतिशीघ्र एक कड़ा कानून बनाये ताकि फिर कभी भविष्य मे इसमे के जघन्य अपराध न हो कोई बच्चा यतीम कोई औरत बेवा न हो ।
अन्सार सैफ़ी  (सामाजिक कार्यकर्ता)
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