सोशल मीडिया को भगवा ब्रिगेड ने हमेशा से ही झूठा प्रचार करने के लिए आधार बनाया हैं. जिसके दम पर वे हमेशा से ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुसलमानों को टारगेट करते आये हैं.

इस बार भगवा ब्रिगेड के निशाने पर प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं जिनका केंद्र की सत्ता में मोजूद भगवा पार्टी से छत्तीस का आकड़ा चल रहा हैं. ऐसे में भगवा ब्रिगेड ने ममता बनर्जी की छवि को धूमिल करने और बहुसंखयक हिन्दू समाज में उनके खिलाफ नफरत भरने के लिए मुस्लिम साबित करने की कोशिश शुरू की हैं. वो भी ऐसी मुस्लिम औरत जिसने लाखों हिन्दुओं का कत्ल किया हैं, और वह हिन्दुओं की दुश्मन हैं.

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क्लिक कर देखे विडियो और इस वायरल मेसेज की हकीकत

व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मेसेज में कहा जा रहा हैं कि ममता बनर्जी हिंदू नहीं मुसलमान हैं. ममता बनर्जी नमाज़ पढ़ती हैं. ममता को मुस्लिम बताते हुए सोशल मीडिया पर फोटो भी प्रसारित किया जा रहा है. उनका असली नाम मुमताज मासामा खातून बताया जा रहा हैं.

मैसेज के मुताबिक वह मुस्लिम महिला हैं इसलिए जब वह रेलमंत्री थीं तब उन्होंने हिंदू तीर्थ स्थानों पर जानेवाले ट्रेनों को बंद कराने की कोशिश थी. वायरल मैसेज में यह भी तर्क दिया जा रहा है कि ममता बनर्जी बंगाली हैं। हिंदी कमजोर है लेकिन उर्दू भाषा हिंदी से बेहतर बोलती हैं. इसके अलावा बंगाल में जो हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए हैं उसको लेकर भी टिप्पणियां की गई है.

सच तो ये है कि ये सारी बातें और वायरल मैसेज के जरिए धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया जा रहा है. धार्मिक सहिष्णुता और भाईचारा को तोड़ने की साजिश है ये. क्योंकि सच्चाई इसमें से कुछ भी नहीं है.

 

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