• कोर्स नाम – दंगाई पत्रकार
  • समयांतराल – जब तक चमचागिरी से खुश होने वाले बॉस ऑफिस में मौजूद है
  • क्वालिफिकेशन – हर खबर को देशभक्ति और देशद्रोही लिंक जोड़ना
  • मिनिमम रिकुअयरमेंट- दलित/अल्पसंख्यकों को देखने के लिए एक ख़ास चश्मा

इंट्रोडक्शन– आजकल इस कोर्स की काफी डिमांड है आप घर बैठे भी कोर्स कर सकते है, दुसरे पत्रकारों की तरह आपको ज़रूरत नही जीरो पॉइंट पर जाने की, मई-जून की गर्मी झेलने की, आखिर वहां भी तो खबर ही मिलती. जब उससे अच्छी खबर ऑफिस में बैठकर बनायीं जा सकती है तो क्या ज़रूरत है धुल -धक्कड़ खाने की.

स्कोप – इस कोर्स को सीखने से पहले हमें यह जानना ज़रूरी है की जो दंगाई खबर आप लिखने जा रहे है उसे कौन पढ़ेगा, जी हाँ अगर यह समझ आ जाये तो यह कोर्स करने में आपको बहुत आसानी रहेगी. अम्बानी जी की असीम कृपया से अब नुक्कड़ पर खड़े होने वाले के पास फ्री इन्टरनेट है जिससे वो कहीं आपकी अदभुत कृति को पढ़ और शेयर कर सकते है, एक समाज इसलिए पढ़ेगा की देखो यह लोग कैसे आतंकवाद फैलाते है और दूसरा समाज इसलिए पढ़ेगा की देखो किस तरह हमारे समाज पर निशाना बाँधा जाता है.

प्रैक्टिकल – आइये सीखते है की किस तरह आप दंगाई पत्रकार का कोर्स कर सकते है. आपको नीचे एक फोटो दिया जा रहा है, वैसे ज़रूरी नही की हर बार हम ही आपको फोटो दे, हम अपने छात्रों को अधिकार देते है की वो खुद सोशल मीडिया से कोई भी फोटो उठाकर उस पर ब्लॉकबस्टर स्टोरी लिख सकते है. सड़क चलते अगर खम्बे पर किसी धर्म का झंडा दिखा जाए तो उसे पाकिस्तानी भी बताया जा सकता है.

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अब इस फोटो में आपको अपनी काबिलियत दिखानी है, गौर से देखिये यह फोटो .. कुछ समझ आया ..? चलो में आपको बता दूं इस महिला का नाम नसरीन है … अब कुछ समझ आया ..बन्दूक के साथ मुस्लिम महिला ..
चलो कहानी लिखना शुरू करते है … और लीजिये कहानी तैयार है (नीचे).


जैसा आपने देखा हमने सिर्फ एक फोटो देखकर इतनी लम्बी कहानी जड़ दी, अब मजाल है किसी की कोई इसमें नुक्ता चीनी करे, इस बात का ध्यान रखना.. स्पेशल सेल, एटीएस का नाम भी लेते रहो जिससे आम जनता ध्यान एक सेकंड के लिए भी खबर से नज़र ना हटा पाए.. और जब किसी से आपकी खबर पर बहस करे तो कम से कम उसके पास कुछ पुलिस,एटीएस, स्पेशल सेल जैसे नाम होने चाहिए जिससे सामने वाला या तो डर जाए या चुप हो जाए.

लेकिन .. एक बड़ा सा लेकिन

एक अच्छा दंगाई पत्रकार वही बन सकता है जिसकी खबर कभी पकड़ में ना आए, अगर पकड में आ गयी तो फिर नाम ख़राब होने के साथ साथ जेल जाने की भी नौबत आ सकती है. मैंने यह फोटो इसीलिए लिया ताकि आपको इसके आगे की कहानी भी बता सकू .. हमारे जिस काबिल छात्र ने मात्र यह फोटो देखकर कहानी बनायीं वो कहीं चूक कर गया और खुद वो महिला जिसके हाथ में पिस्तौल है वो सामने आ गयी .. और सामने ही नही आई बल्कि थाने भी चली गयी .. उसने हमारे काबिल पत्रकार की पोल खोल दी .. उनसे पुलिस को लिखित तहरीर देकर बता दिया की वो क़स्बा सहसपुर की रहने वाली है और एक शादी में शिरकत करने गयी थी जहाँ उसने उक्त फोटो एक सुरक्षा सर्विस मुहैया कराने वाले गनर के साथ खिचवाई थी .. साथ ही साथ जिस बन्दूक को Ak-47 बताया जा रहा है वो SBBL है और दोनों बंदूकों का लाइसेंस की फोटो कॉपी भी थाने में दे दी,

तो छार्त्रों एक और फोटो दिखा रहा हूँ ज़रा ध्यान रखना, एक बार पहले भी ऐसी गलती हो चुकी है, अपना कैमरा का एंगल ऐसा रखो की पकड़ में ना आये, हालाँकि पाकिस्तानी झंडे, और इस्लामी झंडे में फर्क जानकार हमने कोई तीर नही चलाना.

उम्मीद है आप कोर्स सीख गया होंगे

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