एक पत्रकार ऐसा भी – जो रिपोर्टिंग छोड़ बीमार बच्चों को अस्पताल पहुंचा कर करा रहा ईलाज

10:07 am Published by:-Hindi News

ये हैं हमारे आमिर भाई।

मुजफ्फरपुर शहर के लोकल न्यूज चैनल के रिपोर्टर । आज रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने देखा कि पानी टंकी चौक के निकट संदिग्ध एईएस से आक्रांत बच्चे को लेकर रो रही मां की कोई सहायता करने वाला नहीं । उस मां पता भी नहीं था कि बच्चे को हाॅस्पीटल पहुंचाने का रास्ता कौन है। वे रिपोर्टिंग छोड़ मां और बच्चे को बाइक पर लेकर केजरीवाल अस्पताल पहुंच गए। वहां उसे भर्ती कराया। उसका इलाज शुरू कराया। जब बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ तब वहां से चले।

सोंचिए , अगर उनकी जगह दिल्ली के नेशनल चैनल के पत्रकार होता तो क्या करता/करती। तड़प रहे बच्चे की मां के मुंह तक फोंफी (माइक) लगा कर कहता, कि देखिए हमारा समाज व सरकारी व्यवस्था कितना बेरहम है कि एंबुलेंस भी नहीं भेज रहा है। मौत की मुंह में जा रहे बच्चे की पल-पल रिकार्डिंग करता। मां की आंसुओं को अपने चैनल के टीआरपी में बदलता।

अगले दिन इस पर चीख-चीख कर डिबेट कराता / कराती। प्रतिस्पर्धा में आगे रहने को लेकर बहुत खुश होता/होती। उसे व्यवस्था की पोल खोलने वाला बताकर जोर-जोर से ताली पीटने वाले लोग अन्य को प्रतिस्पर्धा से पिछड़ने को लेकर दुखी बताते।

लेकिन टीआरपी प्रतिस्पर्धा की परवाह नहीं कर आमिर भाई ने बता दिया कि बच्चे की जिंदगी के सामने टीआरपी कुछ नहीं। आपने हम सभी का सिर ऊंचा कर दिया।

असली हीरो आमिर भाई को सलाम।

फराह साकेब की कलम से…..

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