Monday, December 6, 2021

‘अगर कश्मीर हमारा हिस्सा है तो न्याय पर उसका भी अधिकार है’

- Advertisement -

मेजर तितुल गोगोई के केस में नए खुलासे हुए हैं। अखबारों में छपी खबरों के अनुसार जो स्थानीय पुरुष समीर लड़की के साथ आया बताया जा रहा था वह मेजर का साथी है और उसके साथ मार्च के महीने में बड्गाम की रहने वाली उस लड़की के घर मेजर ने पहली बार छापा मारा था। उसके बाद मेजर लड़की के घर कई-कई बार गया।

छुट्टी से लौटने के बाद होटल बुक कराया गया था। ऑनलाइन बुकिंग में नाम तो सही दिया गया लेकिन पेशा बिजनेस बताया गया। मेजर का साथी समीर लड़की को लेकर आया। लेकिन होटल ने अपनी नीति के तहत स्थानीय लड़की को प्रवेश देने से इन्कार किया तो झगड़ा हुआ, पुलिस आई।

नियमानुसार तो छुट्टी से लौटकर मेजर को भी सर्विस ज्वाइन करनी थी। कश्मीर में शायद सेना के अधिकारियों को रिहायशी इलाक़ों में रुकने की भी इजाजत नहीं है। लड़की की उम्र को लेकर अलग-अलग दावे हैं, अगर वह नाबालिग हुई तब तो यह अपराध बहुत बड़ा है।

सेना को लेकर ओवर सेंसिटिव लोगों से माफी चाहूंगा लेकिन यह पढ़ते सुनते मुझे औपनिवेशिक दौर के तमाम क़िस्से याद आये जिनमें अंग्रेज़ अधिकारियों और सैनिकों के जुल्म और अय्याशियाँ दर्ज हैं। अगर कश्मीर हमारा हिस्सा है तो न्याय पर उसका भी अधिकार है।

मेजर और ऐसे और भी लोगों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये और नियमानुसार सज़ा। कश्मीर या कहीं भी तैनात सैनिकों/अधिकारियों को एक साफ संदेश मिलना चाहिये कि संविधान और क़ानून का दायरा लाँघने की इजाजत किसी को नहीं।

अशोक कुमार पाण्डेय की फेसबुक वाल से…

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles