Thursday, September 16, 2021

 

 

 

ध्रुव गुप्त: ‘न मोदी न इमरान, ट्रंप ही शक्तिमान’

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सबहि नचावत ट्रंप गुसाई !

अब थोड़ा-थोड़ा समझ में आने लगा है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक घोषणा की कि भारत कुछ बड़ा करने वाला है। अगले ही दिन भारतीय वायु सेना के विमानों ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर जैश के प्रशिक्षण केंद्र पर भीषण बमबारी की।

जवाब में पाकिस्तानी विमानों ने भी भारत में घुसकर सेना के कैम्प के पास बम छोड़ा और अपना एक विमान के नष्ट हो जाने के बावजूद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को अपनी हिरासत में लेने में पाकिस्तानी सेना सफल रही।

भारत द्वारा जवाबी हमले की आशंकाओं के बीच ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि पाकिस्तान से कुछ अच्छी खबर आने वाली है। अगले ही दिन इमरान खान ने अपनी एसेंबली में अभिनंदन को बिना शर्त रिहा करने की घोषणा कर दी। अभिनंदन कल भारत को सौंप दिया गया और इस तरह भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका फिलहाल टल गई।

कठपुतलियों के इस दिलचस्प खेल में जीता-हारा तो कोई नहीं, लेकिन सबको कुछ न कुछ हासिल जरूर हुआ। आने वाले चुनाव में बैकफुट पर दिख रहे हमारे मोदी सर और अमित शाह जी को प्रचंड राष्ट्रवाद की आंधी में ‘अपना बूथ सबसे मजबूत’ कर लेने में बहुत हद तक सफलता मिल गई।

इमरान खान आतंक को प्रश्रय देने के तमाम आरोपों और सबूतों के बीच दुनिया में कुछ हद तक अपनी उदारवादी छवि गढ़ने में कामयाब हुए। तरह-तरह के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध झेल रहे पाकिस्तान के लिए एक बार फिर विदेशी सहायता और क़र्ज़ के दरवाज़े खुल जाएंगे। भारत को गर्व करने के लिए अरसे बाद आतंक के विरुद्ध देश की एक आक्रामक छवि और अभिनंदन के रूप में अपना नया हीरो मिला।

और सबसे बड़ी बात यह कि मंदी की मार झेल रहे अमेरिका और उसके मित्र यूरोपीय देशों के हथियार उद्योग के लिए भारत-पाकिस्तान की भावी सामरिक तैयारियों के मद्देनज़र एक बार फिर संभावनाओं के द्वार खुल गए।

तो पिछले पंद्रह दिनों तक चले इस ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामे का सबक – न मोदी न इमरान, ट्रंप ही शक्तिमान !

पूर्व आईपीएस ध्रुव गुप्त की कलम से निजी विचार….

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