ban
पिछले कई वर्षो से लगातार बॉलीवुड में ऐसी फिल्मे बन रही है जो सारी मर्यादाये तोड़ रही है अश्लीलता नग्नता फूहड़ता द्विअर्थी संवाद गाली गलौच से भरी फिल्मों का अब ट्रेंड चल पड़ा है ऐसी फिल्मे बनाकर समाज एवम भारतीय सभ्यता को खराब करने का काम किया जा रहा है ।
परिवार के साथ अब कोई भी फ़िल्म देखना मुमकिन नही पता नही कब अश्लीलता या भद्दे संवाद आ जाये जिससे परिवार के लोगो को शर्मसार होना पड़े ।
सरकार ने 800 से ज़्यादा पोर्न साइट्स पर भारत मे बैन लगा दिया है जोकि एक अच्छी पहल है क्योंकि ऐसी फिल्में कही न कही बलात्कार के लिये प्रेरित करने का काम करती है कई बार प्रकाश में आया है की पोर्न देखने के बाद लोग बच्चो और महिलाओ से बलात्कार करते है जिस प्रकार से पोर्न साइट्स पर बैन लगाया गया है उसी प्रकार से बॉलीवुड की द्विअर्थी संवाद वाली अश्लीलता परोसती फिल्मों पर भी अतिशीघ्र बैन लगाया जाये क्योकि ये भी समाज को दूषित एवम भद्दी मानसिकता की ओर धकेलने का काम कर रही है ।
सेन्सर बोर्ड का यही काम होता है के वो ऐसी फिल्मों पर नज़र रखे जिससे समाज के ऊपर गलत प्रभाव पड़ता हो समाज मे गलत संदेश जाता हो उन्हें तुरंत ऐसी फिल्मों पर रोक लगा देनी चाहिये किंतु बोर्ड भी धड़ल्ले से ऐसी फिल्मों को देश मे चलने का सर्टिफिकेट दे देता है जोकि गलत है देश मे ऐसी फिल्मे बननी चाहिये जो परिवार के साथ भी बैठकर देखी जा सके लोगो के मनोरंजन एवम समाज को एक बेहतर संदेश देने का काम करे ।
ऐसी फिल्मों से न केवल वयस्क बल्कि बच्चो पर भी बुरा असर पड़ता है बच्चे हमारे देश का भविष्य है उन्हे समाज एवम परिवार में एक बेहतर वातावरण देना हमारी अहम ज़िम्मेदारी है ताकि उनका ध्यान अपनी पढ़ाई पर ही रहे नाकि अश्लीलता फैलाती फिल्मों पर जिसकी वजह से उनके मन मस्तिष्क में किसी भी प्रकार से बुरे विचार आने की संभावना न बढ़ जाये और वो कुछ ऐसा कर जाये जो उन्हें नही करना चाहिये ।
इसलिये सरकार देशहित मे ऐसी बॉलीवुड फिल्मो के बनाने पर भी बैन लगाये जिसमे नग्नता , द्विअर्थी संवाद , भद्दी गाली गलौच हो ऐसी फिल्में सभ्य समाज का हिस्सा नही हो सकती बल्कि ये समाज को दूषित मानसिकता देने का काम कर रही है ।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें