लखनऊ | उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावो में बीजेपी को जबरदस्त बगावत का सामना करना पड़ रहा है. टिकट ने मिलने की वजह से कई नेताओं ने या तो पार्टी छोड़ दी है या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भर दिया है. पिछले 16 सालो से उत्तर प्रदेश की सत्ता से दूर बीजेपी को योगी आदित्यनाथ की हिन्दू वाहिनी ने भी बड़ा झटका दिया है. हिन्दू वाहिनी ने चुनावो में अपने अलग उम्मीदवार उतरने का फैसला किया है.

बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ की गठित की हुई हिन्दू युवा वाहिनी , प्रदेश में बीजेपी के लिए मुश्किलें पैदा करती दिखाई दे रही है. हिन्दू वाहिनी का आरोप है की बीजेपी , चुनावो में आदित्यनाथ की अनदेखी कर रही है. वाहिनी ने यह भी आरोप लगाया की हमने बीजेपी को 10 उम्मीदवारों की लिस्ट दी थी लेकिन इसमें से केवल 2 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया.

हिन्दू वाहिनी ने शनिवार को 6 उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी करते हुए कहा की चुनावो में बीजेपी को हमारी अनदेखी करना महंगा पड़ेगा. हमने अपने सभी कार्यकर्ताओं को भी बीजेपी के खिलाफ वोट करने के लिए कहा है. बीजेपी पहले भी हमें धोखा दे चुकी है. पहले चुनावो में बीजेपी ने वादा किया था की आप लोग एक सांसद और केन्द्रीय मंत्री के लिए वोट करेगे, लेकिन उन्होंने अपना वादा पूरा नही किया.

हिन्दू वाहिनी के अलग से उम्मीदवार खड़े करने पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी आदित्यनाथ ने केवल इतना कहा की वो एक अराजनैतिक दल है. उम्मीदवारों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नही की. माना जा रह है की आदित्यनाथ, हिन्दू वाहिनी के जरिये बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे है. चुनावो से पहले ही आदित्यनाथ के समर्थक उनको बीजेपी के सीएम् उम्मीदवार के रूप में प्रायोजित कर रहे थे , लेकिन बीजेपी की तरफ से ऐसी घोषणा होती न देख अब दबाव की राजनीती का इस्तेमाल किया जा रहा है.


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