त्रिवेंद्रम | सदियों से महिलाओ के पीरियड्स को टैबू मानने वाला समाज चाहे कितना भी आधुनिक क्यों न हो जाए लेकिन उनकी संक्रिण मानसिकता अभी भी पुराने दौर में ही जी रही है. हालाँकि समाज का एक वर्ग अब इन दकियानूसी बातो से ऊपर उठ चूका है लेकिन एक वर्ग अभी भी सदियों पुरानी बातो पर यकीन करता है. पुराने समाज की मान्यताओं के अनुसार पीरियड्स के समय महिला अपवित्र होती है.

इसी मान्यता को आगे बढ़ाते हुए केरल के एक नेता ने बयान दिया है की पीरियड्स के समय महिलाओ को मंदिर , मस्जिद में प्रवेश नही मिलना चाहिए. ये प्रदेश के बड़े नेता माने जाते है इसलिए इनका बयान समाज के उसी दकियानूसी सोच वाले वर्ग को प्रदर्शित करता है. हालाँकि इस तरह की बाते पहले भी उठती आई है लेकिन एक राजनैतिक शख्स ने पहली बार इस बात का समर्थन किया है.

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अंतरिम अध्यक्ष एम् एम् हसन ने एक सामाजिक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा की पीरियड्स अपवित्र होते है. इसलिए इस दौरान महिलाओ को मंदिर , मस्जिद या चर्च में प्रवेश नही करना चाहिए. मुस्लिम महिलाये तो पीरियड्स के दौरान फ़ास्ट तक नही रखती. इसलिए मैं मानता हूँ की उन्हें धार्मिक स्थलों पर भी नही जाना चाहिए.

पीरियड्स को अपवित्र बताते हुए हसन ने तर्क दिया की पीरियड्स के अपवित्र होने के पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी है. हालाँकि हसन वैज्ञानिक कारण बताने में असफल रहे. हसन की टिप्पणी पर कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही आई है. बताते चले की राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी की सिफारिश पर हसन को प्रदेश कांग्रेस कमिटी का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

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