Friday, July 30, 2021

 

 

 

निगेटिव टेस्‍ट के बाद भी मरकज के लोगों को क्‍यों नहीं किया जा रहा डिस्‍चार्ज: ओवैसी

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निज़ामुद्दीन मरकज के मामले को उठाते हुए आल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा, निगेटिव टेस्‍ट आने के बाद भी मरकज के लोगों को डिस्‍चार्ज क्‍यों नहीं किया जा रहा है।

ओवैसी ने एक ट्वीट कर कहा, ‘निगेटिव टेस्‍ट के बाद भी निजामुद्दीन मरकज के लोगों को डिस्‍चार्ज क्‍यों नहीं किया जा रहा है। वे दो बार जरूरी क्‍वारंटाइम की अवधि को पूरा कर चुके हैं लेकिन दिल्‍ली सरकार उन्‍हें डिस्‍चार्ज करने की इजाजत नहीं दे रही। ये 31 मार्च से वहां हैं और उन्‍हें तुरंत छुट्टी दी जानी चाहिए।

इससे पहले दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (Delhi minority commission) के चेयरमैन जफरूल इस्लाम खान ने कोरोना संकट के बीच जमातियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा था कि जमातियों को क्वारंटाइन के नाम पर कैद करके रखा हुआ है। उन्हे क्वारंटाइन का समय पूरा करने के बाद भी नहीं छोड़ा जा रहा है।

News18 के अनुसार, जफरूल इस्लाम ने कहा कि वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक 14 दिन का क्वारंटाइन पीरियड होता है। लेकिन जमातियों को 48 दिन से भी ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा है। अपराधियों की तरह से उन्हें कैद करके रखा जा रहा है।

खान ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार कोरोना वायरस से स्वस्थ हुए जमातियो का प्लास्मा इस्तेमाल कर रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हें कैदियों से भी बदतर हालत में रखा जा रहा है। उनके साथ छुआ-छूत वाला व्यहवार किया जा रहा है। ना उन्हें वक़्त पर दवाई मिल रही है और ना खाना। ना ही डॉक्टर इलाज के लिए आते हैं। अगर कोई बाहर से जमातियों को ज़रूरी सामान देना चाहता है या मदद करना चाहता है तो उसकी भी इजाज़त नहीं है।

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