नई दिल्ली | कांग्रेस के दिग्गज नेता और अपने बयानों के लिए सुर्खिया बटोरने वाले मणिशंकर अय्यर ने पहली बार कबूल किया है की देश में फ़िलहाल प्रधानमंत्री मोदी का मुकाबला अकेले रहकर नही किया जा सकता. उन्होंने माना की 2019 के लोकसभा चुनावो में विपक्ष को एकजुट होकर मोदी का सामना करना पड़ेगा, तभी उनको हराया जा सकता है. इसके अलावा अय्यर ने कांग्रेस में भी बदलाव पर जोर दिया.

टीवी न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा की विधानसभा चुनावो में जीत के बाद यह तय है की आगामी लोकसभा चुनावो में मोदी का अकेले सामना नही किया जा सकता. कोई मुर्ख ही यह कह सकता है. हमें अकेली पार्टी के बजाय महागठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव में उतरना चाहिए. फ़िलहाल यह सही वक्त है जब महागठबंधन किया जाए और लोकसभा चुनावो में बीजेपी की हार सुनश्चित की जाये.

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कांग्रेस पार्टी में बदलाव पर जोर देते हुए अय्यर ने कहा की लगातार चुनाव हारने का सबसे बड़ा कारण है , क्षेत्रीय नेताओं को आगे नही बढ़ाना. हम इनको आगे बढाने में नाकाम रहे और चुनाव हार गए. क्षेत्रीय नेता को आगे बढ़ने का फायदा हम पंजाब में देख चुके है इसलिए आगामी चुनावो में हमें वहां के नेताओं को आगे करना होगा. पंजाब चुनाव इस बात का सबूत है की मजबूत क्षेत्रीय नेता कांग्रेस का भविष्य बदल सकता है.

कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन पर अय्यर ने कहा की कांग्रेस में राहुल गाँधी की जगह कोई नही ले सकता लेकिन पार्टी में युवा नेताओं को लाना चाहिए. पार्टी में जनरल सेक्रेटी पदों पर युवाओ को मौका मिलना चाहिए जबकि वर्किंग कमिटी में अनुभवी नेताओ को रखना चाहिए. अय्यर के बयान के बाद भारत की राजनीती में एक और बहस शुरू हो चुकी है. सबसे बड़ा सवाल यही है की क्या मजबूत क्षेत्रीय दल , राहुल गाँधी की अगुवाई में चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो पाएंगे? आने वाले समय में इसका भी जवाब मिल जायेगा.

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