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नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने कहा है कि वो उस भारत को स्वीकार नहीं करेंगे जहां इंसान की बराबरी नहीं है। उन्होने कहा कि हम मुसलमान है, आतंकवादी नहीं।

न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम ने कहा है, ‘हम आतंकवादी नहीं हैं। भारत से अलग नहीं होना चाहते हैं। भारत विरोधी भी नहीं हैं। मगर हम उस भारत को तस्लीम (स्वीकार) नहीं करेंगे जहां इंसान को बराबरी नहीं है। फिर चाहे वो हिंदू हो, मुसलमान हो, सिख हो, इसाई हो। हमें वो भारत चाहिए जिसका ख्वाब गांधी ने देखा था।’

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बता दें कि इससे पहल्ले फारुख अब्दुल्ला ने कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 35-ए को लेकर कहा था कि उन्हें अनुच्छेद 35 (ए) में कोई भी बदलाव किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा था कि आर्टिकल 35 (ए) में बदलाव के वो सख्त खिलाफ हैं और इसके लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर इस संवैधानिक प्रावधान को हटाया गया तो हालात संभालने मुश्किल हो जाएंगे। मैं आखिरी सांस तक इसके खिलाफ लड़ता रहूंगा। बता दें कि उनका ये बयान जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व नेता शरद यादव की ओर से आयोजित साझी विरासत कार्यक्रम में आया है।

इस कार्यक्रम से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला एम्स पहुंचे। जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जाना। साझी विरासत कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी, आरजेडी नेता जयप्रकाश यादव और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने शिरकत की।

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