नई दिल्ली | बाबरी विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजनितिक सरगर्मिया तेज हो चुकी है. बीजेपी नेताओं ने जहाँ इसको अपने पक्ष में भुनाने का प्रयास किया है वही विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए , केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और राज्यपाल कल्याण सिंह से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा माँगा है. लेकिन सबसे दिलचस्प बयान राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की तरफ से आया है.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रधानमंत्री मोदी ‘एक सोची समझी राजनीति’ बताते हुए कहा था की लाल कृष्ण आडवानी को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से हटाने के लिए यह साजिश रची गयी है. लेकिन चौकाने वाली बात यह है की बीजेपी सांसद विनय कटियार ने लालू प्रसाद की बात का समर्थन किया है. उनके समर्थन के बाद सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गयी है.

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विनय कटियार ने आज एएनआई से बात करते हुए कहा की लाल प्रसाद जी के बयान में सच्चाई हो सकती है. उनका मानना है की मैं इस बारे में ज्यादा नही जानता लेकिन इस बात में सच्चाई हो सकती है. विनय कटियार का यह बयान इस बात की और संकेत है की शायद बीजेपी में सब कुछ ठीक नही चल रहा है. खासकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी में नए और पुराने धड़े के बीच मतभेद उभरकर सामने आ सकते है.

लालू प्रसाद यादव ने अपने बयान के पीछे तर्क देते हुए कहा की यूपी और केंद्र दोनों जगह बीजेपी की सरकार है. सीबीआई , मोदी सरकार के अधीन आती है. अगर सरकार चाहती तो सीबीआई से कहकर उनकी अपील को वापिस लेने के लिए कह सकती थी. लेकिन जैसे ही आडवानी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए आया तभी सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया की इस मामले में ट्रायल शुरू किया जाये.

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