लखनऊ | हाल ही में ताजमहल को लेकर छिडे विवाद ने बीजेपी के माथे पर बल ला दिए है. विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार बीजेपी और योगी सरकार को घेरने पर लगा हुआ है. रही सही कसर बीजेपी विधायक संगीत सोम के बयान ने पूरी कर दी. उन्होंने ताजमहल को भारतीय संस्कृति पर धब्बा बताते हुए कहा की ताजमहल को गद्दारों ने बनाया है. सोम के इस बयान ने देश में सियासी घमासान मचा दिया.

पहले असुदुद्दीन ओवैसी ने सोम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा सवाल किया की लाल किला भी गद्दारों ने बनवाया है इसलिए क्या मोदी जी उस पर भी तिरंगा फहराना छोड़ देंगे. ओवैसी के बाद आजम खान ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की देश की सभी गुलामी की निशानियो को मिटा देना चाहिए. आजम ने लाल किला , क़ुतुब मीनार, राष्ट्रपति भवन जैसे एतिहासिक इमारतो को भी गुलामी की निशानी बताते हुए इन्हें गिराने की मांग की.

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बुधवार को इस विवाद में बीजेपी सांसद विनय कटियार भी कूद पड़े. उन्होंने इस विवाद में एक नया एंगल पैदा करते हुए कहा की ताजमहल एक हिन्दू मंदिर है , वही पर मुग़ल बादशाहों ने एक मजार बना दी. मीडिया से बात करते हुए विनय कटियार ने कहा की मुगलों ने हमारे देश के देव स्थानों को तोडने का काम किया है. ताजमहल भी एक हिन्दू मंदिर था, वहां देवी देवताओं के सारे चिन्ह मौजूद है.

अपनी बात को सही साबित करने के लिए उन्होंने तर्क दिया की ताजमहल में छत से पानी टपकता है. यह बिलकुल ऐसे ही है जैसे शिवलिंग के ऊपर पानी टपकता है. मुगलों ने वहां से शिवलिंग हटाकर मजार बनवा दी. वही मामले पर सफाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की यह मायने नहीं रखता कि ताजमहल को किसने और क्यों बनवाया. यह भारत के मजदूरों के खून और पसीने से बना है. इसलिए यह हमारे लिए बहुत खास है. सोम के बयान को उन्होंने निजी राय करार दिया.

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