भारतीय जनता पार्टी के वरुण गांधी ने सांसदों की वेतन वृद्धि पर ही लोकसभा में सवाल उठा दिए. उन्होंने कहा कि सांसदों को स्वयं का वेतन बढ़ाने का अधिकार नहीं होना चाहिए.

शून्यकाल के दौरान मुद्दा उठाते हुये कहा कि ऐसे समय में जब तमिलनाडु में किसान आत्महत्या कर चुके अपने ही साथियों की खोपड़ी लेकर प्रदर्शन करने को विवश हैं, तब तमिलनाडु के विधायकों ने अपना वेतन बढ़ाकर दुगुना कर लिया है. गांधी ने कहा कि पिछले एक दशक में सांसदों ने अपना वेतन 400 प्रतिशत बढ़ाया है जबकि उनका काम उसके अनुरूप नहीं है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा कि इस देश की ज्यादा से ज्यादा अच्छाई के लिए, हमें वेतन निर्धारित करने के लिहाज से सदस्यों से स्वतंत्र एक बाहरी निकाय बनाना होगा. उन्होंने इसके लिए ब्रिटेन की संसद के स्वतंत्र प्राधिकरण का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि ‘पिछले एक दशक में ब्रिटेन के 13 प्रतिशत की तुलना में हमने अपने वेतन 400 प्रतिशत बढ़ाए हैं, क्या हमने वाकई इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है?

बीजेपी सांसद ने कहा, निजी क्षेत्र का उद्देश्य सिर्फ अपना मुनाफा देखना होता है और इसलिए हम उसके अनुरूप वेतन में बढ़ोतरी नहीं कर सकते. किसानों तथा देश के गरीब तबके प्रति संवेदना दर्शाना भी हमारी जिम्मेदारी है. वरुण गांधी ने महात्मा गांधी का हवाला दिया और कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि सांसदों और विधायकों द्वारा लिए जा रहे भत्ते उनके द्वारा राष्ट्र के लिए दी गई सेवाओ के अनुपात में होना चाहिए.