मोदी की हुई वापसी तो यूपी के इस गांव में मुस्लिमों को अपना सब कुछ छोड़ना होगा

5:47 pm Published by:-Hindi News

लोकसभा चुनाव नतीजों का भले ही नेताओं को बेसब्री से इंतजार हो, लेकिन देश का एक गांव ऐसा भी है, जिसे नतीजों से डर लग रहा है। उत्तर प्रदेश के नयाबांस के मुसलमानों का कहना है कि मोदी की जीत के बाद उन्हे अपने गांव छोड़ने को मजबूर होना पड़ेगा।

गांव के लोगों के कहना है कि पहले हिंदू-मुस्लिम अपनी हर खुशी, अपना हर त्योहार साथ मिलकर मनाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। क्योंकि पिछले दो सालों में इन दोनों समुदायों के बीच काफी दूरियां पैदा कर दी गई हैं। इसी वजह से कुछ लोग यहां से जाने की तैयारी भी कर रहे हैं।

लोगों को डर है कि मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने पर माहौल और भी खराब हो सकता है। छोटी सी दुकान चलाने वाले गुलफाम अली ने कहा कि पहले चीजें काफी अच्छी थीं। मुस्लिम-हिन्दू अच्छे और बुरे वक्त में साथ रहा करते थे। लेकिन मोदी और योगी ने सब गड़बड़ कर दिया है। हम इस जगह को छोड़ना चाहते हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं कर सकते। अली बताते हैं कि करीब एक दर्जन मुस्लिम परिवार बीते 2 सालों में गांव छोड़ चुके हैं जिनमें उनके अंकल भी शामिल हैं।

पिछले साल तक जहां नयाबांस में गेंहू के खेत, संकरे रास्ते और उनमें घूमती बैलगाड़ियां और गाय दिखती थीं, वही अब यहां एक अलग ही माहौल नजर आता है। यहां कुछ हिंदुओं ने आरोप लगाया था कि उन्होंने कुछ मुस्लिमों को गौ हत्या करते हुए देखा. जिसके बाद माहौल काफी बिगड़ता चला गया। हाईवे को रोक दिया गया, गाड़ियां जलाई गईं और एक पुलिस अधिकारी सहित दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

नया बांस गांव के लोगों ने इससे पहले भी तनाव और हिंसा देखी है। साल 1977 में एक मस्जिद बनाने को लेकर पैदा हुए सांप्रदायिक दंगों में भी दो लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद यहां कुछ दिनों तक तनाव के हालात बने थे। लेकिन पिछले 40 सालों में यहां सब कुछ ठीक हो गया था। सभी मिल जुलकर एक साथ रहते थे।

21 साल की कानून की छात्रा आयशा कहती हैं – ‘यहां हम किसी भी तरह से अपने धर्म को जाहिर नहीं कर सकते, लेकिन वे कुछ भी करने को स्वतंत्र हैं।’ वहीं, 42 साल के आस मोहम्मद कहते हैं कि मैं डरा नहीं हूं, लेकिन मोदी को दूसरा टर्म मिलने के बाद कई लोगों को काफी मुश्किल होगी।

55 साल के बढ़ई जब्बार अली ने सऊदी अरब में कमाई के दौरान पैसे जमा किए थे। उन्होंने यहां से निकलकर मुस्लिम बहुल मसुरी में घर खरीद लिया है। वे कहते हैं- ‘अगर सुरक्षाकर्मियों संग रहने वाले हिन्दू पुलिस इंस्पेक्टर को थाने के सामने हिन्दू मार सकते हैं तो हम मुस्लिम कौन होते हैं?’ वे अब भी नयाबांस में अपना घर रखे हुए हैं और कभी-कभी यहां आते हैं, लेकिन अपने नए घर में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं।

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