उत्तरप्रदेश में चुनावों में बीजेपी को मिले जनादेश को सपा नेता आज़म खान ने राज्य के मुसलमानों के खिलाफ बताया हैं. उन्होंने कहा, यह चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों पर नहीं हुआ. यह ऐसा नहीं लगा कि एक धर्मनिरपेक्ष प्रदेश का चुनाव है. यह मैंडेट मुसलमानों के खिलाफ है.

उन्होंने कहा, इस चुनाव के दौरान नारे लगे कि ‘मोदी-मोदी कहना होगा या पाकिस्तान में रहना होगा’. कमल चाहिए या कुरान चाहिए, श्मशान चाहिए या कब्रिस्तान चाहिए इन मुद्दों पर चुनाव हुआ. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भारत में अगर मुसलमानों से इतनी ही नफरत है तो हमको वोट करने का अधिकार क्यों दिया गया, हमसे यह भी अधिकार छीन लेना चाहिए.

सपा नेता ने कहा, चुनाव के दौरान ‘मोदी-मोदी कहना होगा या पाकिस्तान में रहना होगा’ इस तरह के लगे नारे. तो हम यह कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान को तैयार भी करें कि हमें कबूल करे, हम कहां जाएंगे? उन्होंने कहा, न जाने कितनी सत्ताएं आएं और गई पावर का ट्रांसफर हुआ एहसास नहीं हुआ, लेकिन इस बार जब सत्ता बदली है तो दिल डर से बैठ रहा है. ना जाने कितने करोड़ों का दिल दर्द डर से बैठा जा रहा है, खौफजदा है.

आजम खान ने कहा, अगर भारत में मुसलमानों से इतनी ही नफरत है तो हमको वोट करने का अधिकार क्यों दिया? हमसे यह भी अधिकार छीन लें तो हम भी बहुत खुश होंगे. राम चाहिए, रहीम चाहिए , ये कौन कर सकता है? यह बात कब्रिस्तान और श्मशान किसने कही, दिवाली और रमजान पर किसने सवाल खड़े किए? सिर्फ मुसलमान बच्चों को लैपटॉप दिया गया यह किसने कहा?

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