Saturday, December 4, 2021

मध्यस्था शुरू होने से पहले उमा और वेदांती ने सुनाया फैसला, मंदिर के अलावा कुछ और मंजूर नहीं

- Advertisement -

अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले का मध्यस्थता के जरिए हल करने के लिए शुक्रवार को मध्यस्थता पैनल का ऐलान किया है। मध्यस्थता की बातचीत फैजाबाद में होगी। जस्‍टिस फकीर मुहम्मद खलीफुल्‍ला मध्‍यस्‍थता पैनल की अध्‍यक्षता करेंगे। इस पैनल में श्री श्री रविशंकर और वकील श्रीराम पंचू भी होंगे।

हालांकि अभी कमेटी के सदस्यों को कोर्ट के आदेश की कॉपी भी नहीं मिली कि श्री राम जन्म भूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर रामविलास दास वेदांती और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने अपना फैसला सुना दिया है। वेदांती ने धमकी दी है कि अगर अयोध्या की धरती पर मस्जिद बनी तो वह आत्मदाह कर लेंगे। वहीं उमा भारती ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट को कुछ कहेंगे नहीं। हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन हम राम भक्त हैं और राम सारे ब्रह्मांड के स्वामी हैं। हम तो एक ही बात कहेंगे कि जहां रामलला मौजूद हैं वहां कोई अन्य धर्म स्थल नहीं बन सकता।

कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए वेदांती ने चेतावनी दे डाली है कि अगर अयोध्या की धरती पर मस्जिद बनेगी तो वह आत्मदाह कर लेंगे। बता दें कि वेदांती बीजेपी से मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। म मंदिर निर्माण को लेकर वह पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले साल उन्होंने कहा था कि जिस तरह विवादित ढांचा ध्वस्त किया गया था उसी तरह एक दिन में राम मंदिर भी बना लिया जाएगा। वेदांती ने दावा किया था कि 2019 के पहले कभी भी अयोध्या में राम मंदिर बनना शुरू हो सकता है। इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा था कि कोर्ट का आदेश अगर नहीं भी आया तब भी मंदिर का निर्माण होगा। 

वहीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं, हम कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं कहेंगे। हमारा सिर्फ यही कहना है कि जैसे वेटिकन सिटी में मस्जिद नहीं बन सकती। जैसे मक्का मदीना में राम मंदिर नहीं बन सकता। इसी तरह जहां पर राम लला मौजूद हैं, वहां पर रामलला के मंदिर के अलावा कोई अन्य धर्म स्थल नहीं बन सकता।

उन्होंने आगे कहा कि भारत एक सेकुलर देश है। अयोध्या और फैजाबाद में भी कई मस्जिदें हैं, लेकिन जहां रामलला हैं वहां पर तो सिर्फ राम मंदिर ही बनेगा। जो भी रास्ता निकले, लेकिन इसके अलावा कुछ और नहीं होगा। उमा भारती ने कहा कि कोर्ट ने तो शुरू से ही कहा है यह विवादित जमीन है। यह भूमि विवाद का मामला है और यहां पर आस्था का विवाद तो है ही नहीं। सीधे-सीधे वहां राम जन्म भूमि है। दोनों पार्टियां अगर बातचीत कर लें तो कोर्ट उसको मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनेगा यह सबको पता है। वहां पर मंदिर के अलावा और कुछ हो ही नहीं सकता। मध्यस्थता करने वालों को भी यह बात समझनी होगी।

मध्यस्थता करने बालों के बारे में उमा भारती का कहना है कि राम का नाम इतना प्रभावी है कि उसमें सब शामिल है। नामों की तो कोई बात ही नहीं है। इसलिए वह नामों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। हमारा पेटेंट नहीं है। ना उमा भारती का पेटेंट है और ना ही विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) का पेटेंट है। सबको एक ही बात ध्यान में रखनी पड़ेगी कि वहां पर राम मंदिर के अलावा कुछ और नहीं हो सकता।

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles