मुंबई | मुंबई में हो रहे बीएमसी चुनावो में बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन टूटने के बाद दोनों के बीच की तल्खी दिनों दिन बढती जा रही है. कयास यह भी है की चुनावो के बाद शिवसेना , राज्य की बीजेपी सरकार से समर्थन भी वापिस ले सकती है. इसी बीच शिवसेना के समर्थन वापसी के संकेत मिलने के बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पंवार ने देवेन्द्र फडनविस सरकार को समर्थन देने से इनकार किया है.

बीएमसी चुनावो के लिए 21 फरवरी को मतदान होना है. इन चुनावो में जीत हासिल करने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही है. बीजेपी से अलग होने के बाद शिवसेना के लिए ये चुनाव जीवन मरण का सवाल बन चुके है. इसलिए शिवसेना प्रमुख हर जनसभा में बीजेपी के खिलाफ जहर उगल रहे है. इसी वजह से दोनों दलों के बीच कड़वाहट भी बढती जा रही है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने बीजेपी की तुलना कोबरा से करते हुए कहा की पिछले 25 सालो से हमारा गठबंधन कोबरा के साथ था. लेकीन अब यह कोबरा फन उठाने लगा है. लेकिन मुझे भी फन को अच्छी तरह कुचलना आता है. इस दौरान उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस पर झूठे वादे करने के आरोप लगाए.

मालूम हो की बीजेपी और शिवसेना के बीच पिछले 25 सालो से गठबंधन चल रहा था. लेकिन बीएमसी चुनावो में सीटो के बटवारे को लेकर दोनों दलों के रिश्तो में दरार आ गयी. शिवसेना , बीजेपी को 227 में से 60 सीटो से ज्यादा देने पर तैयार नही हुई. जिसको बीजेपी ने अपने लिए अपमान माना. इसके बाद दोनों दलों ने अलग अलग चुनाव लड़ने के फैसला किया.

उधर शिवसेना के रुख के बाद एनसीपी ने भी अपने पत्ते खोल दिए है. एनसीपी प्रमुख शरद पंवार ने बीजेपी सरकार को समर्थन देने से इनकार करते हुए कहा की शिवसेना के समर्थन वापिस लेने के बाद भी हम सरकार को समर्थन नही देंगे. इसके बारे में हम राज्यपाल को पत्र लिखकर सूचित करने की सोच रहे है. लेकिन इससे पहले शिवसेना राज्यपाल को पत्र लिखकर समर्थन वापसी का ऐलान करे.

Loading...