Sunday, August 1, 2021

 

 

 

उद्धव ठाकरे की बीजेपी को चेतावनी- ढाई साल के लिए चाहिए सीएम कुर्सी वर्ना….

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महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों में भाजपा और शिवसेना को स्पष्ट बहुमत मिला है और दोनों पार्टियां मिलकर आसानी से सरकार बना सकती है। लेकिन सीएम पद को लेकर दोनों पार्टियों में तनातनी जारी है।

दरअसल, शिवसेना बीजेपी को 50:50 का फॉर्मूला याद दिला रही है। इसके साथ ही शिवसेना मुख्यमंत्री पद की मांग कर रही है और बीजेपी इसके लिए राजी नहीं है।शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि इस बार शरद पवार ने बीजेपी का अश्व रोका। साथ ही कहा कि महाराष्ट्र की सत्ता का ‘रिमोट कंट्रोल’ उद्धव ठाकरे के हाथ में आ गया है।

सामना के कार्यकारी संपादक और शिवसेना सांसद संजय राउत ने लिखा, ”कांग्रेस और राष्ट्रवादी इन दो प्रमुख पार्टियों ने मिलकर ही 100 की सीमा पार कर ली। इसका पूरा श्रेय अकेले शरद पवार को जाता है। बीते कुछ दिनों में शरद पवार के जुझारूपन के संबंध में काफी कुछ प्रकाशित हुआ। वर्ष 2014में भारतीय जनता पार्टी के अश्व को रोकने का काम उद्धव ठाकरे ने किया था।  वर्ष 2019 में ये काम शरद पवार ने किया। ये महाराष्ट्र की विशेषता है।”

बता दें कि शनिवार को मातोश्री में शिवसेना के विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे से साफ कर दिया कि शिवसेना का लक्ष्य ढाई साल के लिए सीएम पद संभालना है और यदि भाजपा इसके लिए राजी नहीं होती है तो शिवसेना अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है।

शिवसेना विधायक प्रताप सारनाइके ने शनिवार को पार्टी विधायकों की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि “उद्धव जी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सीएम पद को लेकर साझा सत्ता की बात हुई थी। कुछ कारणों की वजह से सीटों का बंटवारा बराबर नहीं हो पाया था, लेकिन अब हमारे लिए साझा सत्ता और सीएम पद अहम हैं। डिप्टी सीएम की पोस्ट हमारे लिए सेकेंडरी है।”

शिवसेना विधायक प्रताप सारनाइके का कहना है कि जब भाजपा सीएम पद पर सत्ता साझा करने के बारे में लिखित में देगी उसके बाद ही पार्टी कोई फैसला करेगी। शिवसेना विधायक ने कहा कि उद्धव जी ने भाजपा के सत्ता साझा करने के मुद्दे पर राजी नहीं होने पर ‘अन्य विकल्पों पर विचार’ करने की बात भी कही है।

वहीं भाजपा से जुड़े नेताओं का कहना है कि “शिवसेना को सीएम पद देने का कोई सवाल ही नहीं है” महाराष्ट्र चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और इसके साथ ही 17 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी भाजपा के पास है, क्योंकि अधिकतर ये पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले ही नेता हैं।

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