नई दिल्ली | दिल्ली में 23 अप्रैल को हुए नगर निगम चुनावो के नतीजे आ गए है. बीजेपी ने दिल्ली के तीनो नगर निगमों में प्रचंड जीत हासिल की है. वही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. 272 में से 270 सीटो पर हुए चुनावो में बीजेपी ने 179 सीटो पर कब्ज़ा जमाया है वही आप 45 सीटो के साथ दूसरें नम्बर पर रही है. कांग्रेस को 35 सीटो से संतोष करना पड़ा.

एमसीडी में जीत से जहाँ बीजेपी के हौसले बुलंद है वही आम आदमी पार्टी में हार पर मंथन शुरू हो चूका है. शुरुआती रुझानो में पिछड़ने के साथ ही उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया , केजरीवाल से मिलिने पहुंचे. इसके अलावा केजरीवाल ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों की बैठक भी बुलाई. बैठक के बाद मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकले गोपाल राय ने ईवीएम् को हार का जिम्मेदार ठहराया.

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उन्होंने कहा की उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड की ही तरह दिल्ली में भी ईवीएम् लहर चली है. जिसकी वजह से बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला. यह मोदी लहर नही है.. बल्कि ईवीएम् लहर है. बीजेपी ने एमसीडी में 10 सालो तक राज किया, भ्रष्टाचार किया. आम आदमी पार्टी बहुत छोटी चीज है लेकिन लोकतंत्र ईवीएम् में कैद हो रहा है. जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है.

उधर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने कहा की दिल्ली के लोगो के पास बीजेपी को वोट करने का एक भी कारण नही है. जबकि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में काफी काम किया है. लोगो का इलाज और दवाई मुफ्त की, कॉलोनियो में पानी की पाइप लाइन बिचवाई है, सरकारी स्कूल और अस्पतालों की हालात में सुधार किया है, बिजली, पानी , हर क्षेत्र में उन्होंने काम किया है. जबकि बीजेपी के पास एमसीडी में गिनाने के लिए एक भी काम नही है.

बीजेपी के केजरीवाल के इस्तीफे की मांग पर आशुतोष ने कहा की इसका सवाल ही पैदा नही होता. क्या मोदी जी ने बिहार और दिल्ली में हार के बाद इस्तीफा दिया था. हम इस हार पर आत्ममंथन करेगे और बैठक कर अगली रणनीति बनायेंगे. उधर केजरीवाल के सलाहकार नागेन्द्र शर्मा ने भी ट्वीट कर ईवीएम् को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने लिखा की मशीन के आगे इंसान की इच्छाशक्ति भी जवाब दे जाती है.