Saturday, July 24, 2021

 

 

 

CAA पर सुभाष चंद्र बोस के पौत्र – अब तो भाजपा में बने रहने पर सोचना होगा

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) में मुस्लिमों को शामिल न किए जाने से नाराज क्रांतिकारी सुभाष चंद्र बोस के पौत्र चंद्र बोस ने कहा कि उन्हे अब भाजपा में बने रहने पर सोचना होगा।

बोस ने कहा कि वह नेताजी के राजनीतिक मार्ग पर नहीं चल पा रहे हैं और अगर धर्मनिरपेक्षता को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो वह पार्टी में बने रहने पर पुर्निवचार कर सकते हैं। दरअसल, बोस ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून में कुछ बदलाव करने होंगे ताकि किसी भी पीड़ित को नागरिकता दी जा सके, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा के मंच का इस्तेमाल करके धर्मनिरपेक्षता और समावेश के सिद्धांतों को फैलाना चाहता हूं। जब मैंने जनवरी 2016 में भाजपा की सदस्यता ली थी तो मैंने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से कही थी। वे भी इस पर सहमत हुए थे।”

बोस ने कहा, ‘‘लेकिन अब मुझे लग रहा है कि मैं नेताजी के सिद्धांतों का पालन नहीं कर पा रहा। अगर यह चलता रहा तो मुझे पार्टी में बने रहने पर सोचना होगा। लेकिन मैं नरेंद्र मोदीजी से बात किये बिना कोई फैसला नहीं लूंगा।”

हाल ही में सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र बोस ने नागरिकता अधिनियम (सीएए) के साथ उपजे ‘भय के माहौल’ पर भी चिंता जताई थी। चन्द्र बोस ने अपनी पार्टी की केंद्र सरकार से संशोधित नागरिकता कानून के तहत मुसलमानों को भी नागरिकता देने के लिए आग्रह किया था।

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