पश्चिम बंगाल में आरएसएस की ओर से राज्यव्यापी रामनवमी आयोजन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह हिन्दू और मुसलमानों के बीच फूट डालने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेंगी. उन्होंने स्पस्ट रूप से संघ परिवार से कहा, वे राम को लेकर नहीं, रावण को लेकर राजनीति करें. बंगाल में सभी धर्मों व वर्गों के लिए समान स्थान है. बंगाल में दंगा फैलानेवालों के लिए कोई जगह नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मैं सभी धर्मों की समानता में यकीन रखती हूं. जिस तरह मैं दुर्गा पूजा में भाग लेती हूं, उसी तरह मैं ईद और क्रिसमस में भी भाग लेती हूं. राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों से मुझे हिंदुत्व पर भाषण सुनने की जरूरत नहीं है.’

ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने नफरत की राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं किया है. प्रसिद्ध दक्षिणोर काली मंदिर में मंगल आरती पर प्रतिबंध की अफवाहों का जिक्र करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ”एक केंद्रीय मंत्री ने फेसबुक पर पोस्ट डाला कि हमने दक्षिणोर में मंगल आरती पर प्रतिबंध लगा दिया है. एक केंद्रीय मंत्री गुमराह करने वाली सूचना कैसे फैला सकता है? किस तरह के देश में हम रह रहे हैं? मैं मां भव तारिणी से प्रार्थना करती हूं कि उसे (भाजपा को) कुछ सद्बुद्धि दे. हमने मां काली पर कभी भी राजनीति नहीं की है.”

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उन्होंने आगे कहा, दंगा करनेवाले नेताओं का हिंदू धर्म में कोई स्थान नहीं है. बंगाल में हर जाति (बंगाली, हिंदीभाषी व मुसलमान) के लोग रहते हैं. छठपूजा पर उन्होंने अवकाश की घोषणा की, लेकिन केंद्र सरकार ने नहीं किया. सीएम ने कहा, मैंने हिंदू धर्म में जन्म लिया है. दुर्गापूजा समेत विभिन्न पूजा का आयोजन करती हूं और उनमें शामिल होती हूं.

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