कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि 30 दिसंबर के बाद अमान्य करेंसी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा न बदलने का फैसला भरोसे को तोड़ने जैसा है.

उन्होंने आगे कहा कि नोटबंदी की नीति से देश के लोगों को काफी मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा है और इकॉनमी पर भी बुरा असर पड़ा है. यह उम्मीद की जा रही थी कि लोगों को हो रही दिक्कत 30 दिसंबर तक समाप्त हो जाएगी, लेकिन मुश्किल खत्म होती नहीं दिख रही है.

पटेल ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि 12 दिसंबर के बाद से बैंकों में जमा हुए पुराने नोटों के बारे में कोई सूचना नहीं है. मैं वित्त मंत्री से आग्रह करता हूं कि पारदर्शिता बरकरार रखते हुए लोगों को इस बारे में जानकारी दें.’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को देश के नाम अपने संदेश में वादा किया था कि पुराने नोटों को इस वर्ष के 31 मार्च तक बदला जा सकेगा. ऐसी रिपोर्ट है कि RBI अब पुराने नोटों को लेने से मना कर रही है, सिवाय उन लोगों के जो इस दौरान देश से बाहर थ.। इससे स्पष्ट रूप से देश की जनता को तकलीफ हुई होगी, जिन्होंने PM को वादों पर भरोसा किया था.


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