8 नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने वाला है. ऐसे में विपक्ष ने मोदी सरकार के खिलाफ मौर्चा खोलते हुए इस दिन को ब्लैक डे मनाने का फैसला किया है. बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में इस मुद्दे पर अहम बैठक हुई जिसमें 6 दलों के साथ पार्टी ने विपक्षी दलों की कॉरडिनेशन कमेटी बनाई है.

वरिष्ट नेता गुलाम नबी आजाद ने नोटबंदी को सदी का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा कि नोटबंदी के असर से देश को नुकसान हुआ है. देश के साथ धोखा हुआ है. आजाद ने कहा कि सभी 18 पार्टियां सहमत हैं कि नोटबंदी देश के साथ एक बहुत बड़ा धोखा था. इसका मुखर विरोध किया जाना चाहिए.

आजाद ने कहा कि कालाधन खत्म करने, जाली नोट के सफाए और आतंकवाद पर लगाम के तीन तर्कों के साथ सरकार ने नोटबंदी को जायज ठहराया था. मगर 99 फीसद से अधिक नोट बैंकों में जमा हो जाने से साफ हो गया कि सरकार कोई कालाधन नहीं पकड़ पाई. आतंकवाद और जाली नोट इन दोनों मोर्चों पर भी नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ.

सरकार की और से कश्मीर मुद्दें पर बातचीत की पहल को लेकर उन्होंने कहा कि दी सरकार के कश्मीर मुद्दे को गंभीरता से सुलझाने के ‘इरादे और ईमानदारी पर’ संदेह है. आज़ाद ने कहा, “इन साढ़े तीन वर्षो में, मोदी सरकार ने तल्ख रुख अख्तियार किया। अब कार्यकाल के समाप्त होने के समय सरकार कुछ प्रचार के लिए बातचीत करने की पहल कर रही है. हमें सरकार के इरादे और ईमानदारी पर शक है.”

उन्होंने कहा कि यह पहल बहुत देर से हुई है और इसका कोई निश्चित समय सीमा नहीं है. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “तमन्नाओ में उलझाया गया हूं, खिलौना देकर बहलाया गया हूं.”

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