थरूर ने मोदी को लिखा पत्र – प्रधानमंत्री की आलोचना करना राष्ट्र विरोध नहीं

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी के नाम पत्र लिख मॉब लिचिंग के बढ़ते मामलों पर चिंता जताने वालीं 49 जानी-मानी हस्तियों के खिलाफ हुई एफआईआर पर विरोध जताया है।

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करने वालों को ‘राष्ट्र विरोधी’ नहीं समझना चाहिए। थरूर ने मोदी से अनुरोध किया कि उन्हें सार्वजनिक रुख अपनाकर असहमति को स्वीकार करना चाहिए और राष्ट्र को ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन देना चाहिए, भले ही इसमें आपकी या आपकी सरकार से असहमति क्यों न शामिल हो।’

उन्होंने लिखा- हम उम्मीद करते हैं कि आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करेंगे ताकि मन की बात कहीं मौन की बात न बन जाए। उन्होंने पीएम मोदी के एक पुराने भाषण का हवाला देते हुए कहा कि पीएम जी, आपने साल 2016 में यूएस कांग्रेस को संबोधित करते हुए भारत के संविधान को पवित्र किताब बताया था। आपने कहा था कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति, भाषण और समानता का अधिकार देता है।

अनुच्छेद 19(1) यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जिक्र करते हुए शशि थरूर लिखते हैं कि हर किसी को बोलने का अधिकार है और सरकार को उस स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। देश के सभी लोग पीएम मोदी से अपेक्षा करते हैं कि उनकी सरकार बोलने की आजादी का सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जो लोग सरकार के खिलाफ बात करते हैं उन्हें देशद्रोही मान लिया जाता है। लेकिन ऐसा होने से लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है और उन्हें लगता है कि एजेंसियों और सरकारों को उसका सम्मान करना चाहिए।
शशि थरूर ने आगे लिखा कि भारत के नागरिक के तौर पर हम चाहते हैं कि बगैर किसी डर के आपके समक्ष राष्ट्र महत्व से जुड़ी बातें रखे पाएं, ताकि आप तक बातें पहुंचे और फिर आप उसपर कोई फैसला ले सकें। हम उम्मीद करते हैं कि आप भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करेंगे ताकि ‘मन की बात’ ‘मौन की बात न’ बन पाए।
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