हिजबुल कमांडर बुरहानी वानी की सुरक्षा बलों के हाथों को एक साल का वक्त हो चूका है. ऐसे में उसकी मौत की बरसी पर पूरी कश्मीर घाटी कड़ी सुरक्षा घेरे में है.

इसी बीच कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज़ का बुरहानी वानी के सबंध में बयान आया है. उन्होंने कहा कि अगर सत्ता में वे होते तो वे बुरहान वानी को मरने नहीं देते बल्कि उससे बातचीत करते.

उन्होंने कहा कि ‘अगर मैं पावर में होता तो बुरहान वानी को मरने नहीं देता. मैं उनसे बातचीत करता. मैं उसे समझाने की कोशिश करता कि पाकिस्तान, कश्मीर और भारत के बीच दोस्ती का पुल बनाया जा सकता है और इस काम में वह मददगार साबित हो सकता है. लेकिन वह मर चुका है, हमें कश्मीरियों के दर्द को समझना चाहिए.’

गौरतलब रहें कि पिछले साल 8 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों के हाथों बुरहान वानी मारा गया था. जिसके बाद से ही पूरी घाटी प्रदर्शनों और हिंसा की चपेट में है.

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