भारतीय जनता पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कश्मीर के हालातों को लेकर अपनी पार्टी को निशाने पर लिया हैं. अलगाववादी नेताओं से बातचीत समर्थन करते हुए उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए सवाल उठाया हैं.

उन्होंने कहा कि  अगर आज कल आप अलगाववादियों से बात करते हैं तो आपको राष्ट्रविरोधी करार दे दिया जाता है. क्या इसका मतलब ये है कि अटल जी राष्ट्रविरोधी थे? उन्होंने कहा कि पिछले 70 साल से संबंध नहीं सुधरे हैं. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भरोसे की कमी थी. जब तक पाकिस्तान पुराने रवैये पर कायम रहता है, बातचीत का कोई मतलब नहीं है.

फारुख अब्दुल्ला का समर्थन करते हुए उन्होने कहा कि फारुख अब्दुल्ला हमेशा से राषट्रवादी रहे हैं. उपचुनाव के लिए राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर था. ऐसे में मुझे नहीं पता कि उनका बयान किस संदर्भ में आया. दरअसल फारुख अब्दुल्ला ने बयान दिया था कि कश्‍मीर में जो युवा पत्थरबाजी कर रहे हैं वो अपने देश के लिए जान कुर्बान कर रहे हैं.

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भारत-पाकिस्‍तान के रिश्‍तों पर सिन्‍हा ने कहा कि 70 सालों से रिश्‍ते नहीं सुधरे. ऐसा विश्‍वास की कमी के चलते हुआ. जब तक पाकिस्‍तान (आतंकवाद से) इनकार करता रहेगा, बातचीत का कोई मतलब नहीं है.

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