बीजेपी से गठबंधन करने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए हुए शरद यादव को नीतीश ने स्पष्ट शब्दों में गठबंधन को अपनाने की चेतावनी दी. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करते है तो अपना अलग रास्ता अपनाने के लिए स्वतंत्र है.

नीतीश ने कहा, पार्टी ने आम सहमति से फैसला लिया. वह (शरद यादव) अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं. दरअसल हाल ही में शरद यादव ने कहा था कि ह अब भी महागठबंधन के साथ हैं, जिसे बिहार की 11 करोड़ जनता ने 2015 के विधानसभा चुनाव में पांच साल शासन का जनादेश दिया था.

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शरद यादव ने कहा था, ‘हमने पांच साल के लिए किया गठबंधन किया था. जिस 11 करोड़ जनता से हमने जो करार किया था, वो ईमान का करार था. वो टूटा है, जिससे हमको तकलीफ हुई है.’ शरद यादव ने साथ ही कहा कि 70 साल के इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता, जहां दो पार्टी या गठबंधन जो चुनाव में आमने-सामने लड़े हों और जिनके मेनिफेस्टो अलग-अलग हों, दोनों के मेनिफस्टो मिल गए हों. उन्होंने कहा कि यह लोकशाही में विश्वास का संकट है.

इसी बीच नीतीश कुमार ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से बाद में अगस्त के आखिरी में आकर के बिहार के मुद्दों पर बात करेंगे. वहां के विकास योजनाओं पर प्रधानमंत्री से बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा कि आज सिर्फ औपचारिक मुलाकात थी.

प्रधानमंत्री से मिलने के बाद नीतीश कुमार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी उनके आवास पर मिलेंगे. अमित शाह ने ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की है.

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