नई दिल्ली: मी टू कैंपेन में यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। एमजे अकबर पर लगे आरोप पर बीजेपी नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि वो इस पर क्या बोल सकते हैं। आरोप लगे हैं एक से नहीं अनेक से। वो मंत्री हैं और मंत्री बनाए है प्रधानमंत्री ने। स्मृति इरानी भी मंत्री हैं कैबिनेट मिनिस्टर हैं। इन लोगों को बोलने का हक हैं इसमें मैं क्या बोलूं। स्वामी ने कहा कि मीटू कैंपने का मैं समर्थन करता हूं यह बात पहले ही मैं बोल चुका हूं।

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि मैंने भी करीब 20 साल पहले कई पॉलिटिशयन के बारे में सवाल उठाया था। तब कई सारे प्रेस वालों ने कहा था कि तुम बहुत पर्सनल हो, किसी पर बहुत ज्यादा पर्सनल नहीं जाना चाहिए, लेकिन अब जमाना बदल गया है। अब तो पर्सनल को टेलीविजन लाइव बना दिया गया है। मेरी यही राय है कि इसमें कोई मापदंड होना चाहिए। जो भी शिकायतें आ रही है वो पहले नहीं दिया आज क्यों दे रहे हैं ये सवाल नहीं होना चाहिए। आज के समय में महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी सुधर गई है। आखिर मंत्री हैं हमारी पार्टी के ही, प्रवक्ता कोई बोल नहीं रहा है। इसलिए प्रधानमंत्री को इस पर बोलना चाहिए, मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा।

इधर, मोदी सरकार में मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर कहा है कि अगर अन्याय हुआ है तो न्याय भी मिलेगा। बता दें कि तोमर मोदी सरकार के तीसरे ऐसे मंत्री हैं जिन्होंने मीटू पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मैं इस पर बोलूंगा लेकिन उससे पहले एक बार एमजे अकबर का बयान सामने आ जाए। इस मामले पर सरकार क्या कर रही है के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है तौ उसे न्याय जरूर मिलेगा।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को उम्मीद है कि उनके सीनियर लीडर और मंत्री एमजे अकबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपना पक्ष रखेंगे। पार्टी के एक नेता ने कहा कि एमजे अकबर के खिलाफ जो आरोप हैं, वो बेहद गंभीर हैं लेकिन, क्योंकि उनके खिलाफ कोई भी कानूनी केस नहीं है तो इस मुद्दे के कई पहलू हैं। कई विपक्षी पार्टियों ने अकबर के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि या तो अकबर इस्तीफा दें या फिर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दें। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मी टू कैंपेन में घिरे विदेश राज्य मंत्री एम.जे अकबर के बारे में पूछने पर कहा कि इस मुद्दे पर वही सही बता सकते हैं। उन्होंने कहा मीडिया अकबर की महिला सहयोगियों की बातें सामने ला रहा है। मेरा मानना है कि जो भी महिलाएं आपबीती बता रही हैं उन्हें न तो बदनामी का शिकार बनाया जाना चाहिए और न उनका मजाक उड़ाना चाहिए।

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