अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की दोनों पक्षों को बातचीत से मामला सुलझाने की सलाह के बाद द्र और महाराष्ट्र सरकार में बीजेपी की साथी शिवसेना ने कहा कि इस मुद्दे पर अब सुप्रीम कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिये. साथ ही शिवसेना ने इस मामलें में पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश देने की जरूरत बताई है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा, ‘पिछले 25 साल में देश में राजनीति बदल गई है. लाल कृष्ण आडवाणी अब मार्गदर्शक मंडल में हैं जबकि देश पर पीएम मोदी का शासन है.. इसलिए, राम मंदिर अब बनाया जाना चाहिए और इसके लिए उच्चतम न्यायालय के नहीं, मोदी के निर्देश की जरूरत है’.

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पार्टी ने कहा, ‘भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ी जीत मिली जो दिखाता है कि लोगों की आकांक्षा है कि राम मंदिर बने. लोग आस्था के नाम पर ऐसा चाहते हैं और इसलिए उच्चतम न्यायालय को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए.

उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर अपना स्पष्ट फैसला सुना सकता है. लेकिन अगर इस मुद्दे को बाहर सुलझाना है तो अन्ना हजारे, बाबा रामदेव और लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोग इस मुद्दे में मदद कर सकते हैं.

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