आधार और निजता को लेकर मचे घमासान के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस मामले में सोमवार को सुनवाई होने की सम्भावना है.

ममता की और से दायर याचिका न्यायामूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए यह याचिका सूचीबद्ध की गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता एवं संसद सदस्य कल्याण बनर्जी ने बताया कि याचिका पहले ही दायर की गई थी और पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए यह 30 अक्तूबर को आएगी.

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ध्यान रहे दो दिन पहले ममता बनर्जी ने कहा कि वह अपने मोबाइल को आधार से लिंक नहीं करेंगी, भले ही उनका फोन बंद क्यों न कर दिया जाए.

उन्होंने कहा, ‘मै अपना फोन नंबर आधार कार्ड से लिंक नहीं करूंगी, अगर ये लोग मेरा फोन डिसकनेक्ट करना चाहते है तो करने दो.’ ममता ने कहा, ‘मैं फोन को आधार से लिंक नहीं करुंगी, एजेंसी को फोन काटना है तो काट दें. मैं दूंगी तो चैलेंज करके दूंगी’.

ऐसा न करने के पीछे वजह बताते हुए उन्होंने कहा, ‘जैसे ही आप आधार से मोबाइल लिंक करेंगे उन्हें (केंद्र सरकार) सब पता चल जाएगा. घर में आप क्या खा रहे हैं. पति-पत्नी क्या बात कर रहे हैं. सब उन्हें पता चल जाएगा’.