गणतंत्र दिवस परेड के बीच राजधानी दिल्‍ली में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड बताए जा रहे दीप सिद्धू से बीजेपी सांसद सनी देओल ने किनारा कर लिया है। उन्होने कहा कि उनका या उनके परिवार का दीप सिद्धू से कोई रिश्ता नहीं है।

उन्होने ट्वीट किया,  ‘आज लाल किले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी, 6 दिसंबर को, ट्विटर के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है। जय हिन्द।’

कांग्रेस एमपी रवनीत सिंह बिट्टू ने दीप सिद्धू पर हमला बोला है। उन्होंने कहा,”आज के उपद्रव के पीछे सिख फॉर जस्टिस का हाथ है। खलिस्तानी दीप सिद्धू ने साज़िश रची है। लाल क़िला पर जो झंडा फहराया गया वो सिख झंडा नहीं था। हमारा धार्मिक झंडा केसरी होता है पीला नहीं। जिन्होंने लाल क़िला पर कब्ज़ा किया और उपद्रव मचाया वो खालिस्तानी थे। किसान आज के उपद्रव में शामिल नहीं था। NIA की जांच हो और जो भी इसके पीछे है उसको आज ही रात में जेल में डाला जाये।”

वहीं अभिनेता दीप सिद्धू ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों के कृत्य का यह कह कर बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया और केवल एक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ‘निशान साहिब’ को लगाया था।

दीप सिद्धू ने कहा, ‘नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने ‘निशान साहिब और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया।’ उन्होंने ‘निशान साहिब’ की ओर इशारा करते हुए कहा कि झंडा देश की विविधता में एकता का प्रतिनिधित्व करता है। ‘निशान साहिब’ सिख धर्म का एक प्रतीक है जो सभी गुरुद्वारा परिसरों में लगा देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि लालकिले पर ध्वज-स्तंभ से राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया गया और किसी ने भी देश की एकता और अखंडता पर सवाल नहीं उठाया। पिछले कई महीनों से किसान आंदोलन से जुड़े सिद्धू ने कहा कि जब लोगों के वास्तविक अधिकारों को नजरअंदाज किया जाता है तो इस तरह के एक जन आंदोलन में ”गुस्सा भड़क उठता है। उन्होंने कहा, ‘आज की स्थिति में, वह गुस्सा भड़क गया।’

बता दें कि दीप सिद्धू अभिनेता सनी देओल के सहयोगी थे, जब अभिनेता ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में सनी देओल के पूरे प्रचार में वह उनके साथ रहे थे। हालांकि भाजपा सांसद ने पिछले साल दिसंबर में किसानों के आंदोलन में शामिल होने के बाद सिद्धू से दूरी बना ली थी।