गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने धर्मनिरपेक्षता पर बीजेपी नजरिए को पेश करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में उन्होंने अजान की आवाज सुनकर बोलना बंद कर दिया था.

रूपाणी ने कहा कि गुजरात गौरव यात्रा के दौरान मैं एक रैली को संबोधित कर रहा था, मेरे भाषण के दौरान मैंने पास की मस्जिद से आ रही अजान की आवाज सुनी तो मैं बीच में ही रुक गया. मैंने आगे भाषण तब ही दिया जब अजान बंद हो गई. यह बीजेपी की सोच है, हम सबके साथ न्याय करते हैं, कांग्रेस की तरह सिर्फ किसी को खुश करने का काम नहीं करते.

उन्होंने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के धर्मनिरपेक्षता का विचार केवल तमाम है, यहां तक कि मुसलमानों ने भी देखा है कि कांग्रेस ने उनके लाभ के लिए कुछ नहीं किया है. मुझे यकीन है कि हमारे मुस्लिम भाई और बहन गुजरात में भाजपा के लिए वोट करें जैसे यूपी विधानसभा चुनाव में उन्होंने किया था.

सीएम ने कहा, कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात की यात्रा के दौरान मंदिरों का दौरा कर रहे है. चुनाव है इसलिए उन्हें मंदिर याद आ रहा है. उन्होंने कहा, राहुल दिल्ली में अक्षरधाम में भी कभी नहीं गए हैं. इसके बजाय, राम मंदिर पर अपना रुख स्पष्ट कर देना चाहिए.”

इस दौरान उन्होंने हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी और अल्पेश ठाकुर को कांग्रेस का एजेंट करार दिया. उन्होंने कहा कि हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश को कांग्रेस एजेंटों के रूप में उजागर किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अल्पेश ने एक बार शपथ ली थी कि वह कभी भी राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे, इसके अलावा वे कांग्रेस के नेताओं को गुप्त रूप से क्यों मिल रहे हैं?

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