एक बार फिर से रामनवमी आने के साथ ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी और संघ परिवार ने भगवा राजनीति को हवा देना शुरू कर दी है. इसके लिए बीजेपी और वीएचपी हथियारों के साथ जुलुस निकालने पर अडिग हैं तो वहीँ ममता सरकार ने भी इजाजत देने से मना कर दिया है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने रामनवमी उत्सव के दौरान हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगा दी है. साथ ही ममता बनर्जी ने पुलिस को को सतर्कता बढ़ाने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है. हुगली में एक आधिकारिक बैठक में ममता ने आदेश दिया कि ‘सांप्रदायिक घटना को कतई नजरअंदाज न किया जाए.

ममता के इस कदम के बाद बीजेपी और वीएचपी ने ऐलान किया कि वे लंबे समय से चली आ रही परंपरा को निभाएंगे और उस दिन जुलूस जरूर निकालेंगे. पश्चिम बंगाल अध्यक्ष दिलिप घोष ने कहा, ‘रामनवमी के जुलूस में शामिल होने वाले लोग परंपरा के अनुसार अपने साथ हथियार लाएं. मैं ऐसे ही एक जुलूस में गदा लेकर जाऊंगा.’

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इसी बीच पश्चिमी बर्दवान जिले के पानागढ़ के रेलपार इलाके में उस वक्त तनाव फैल गया, जब रामनवमी के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं देने वाला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पोट्रेट को नुकसान पहुंचाया. आसामाजिक तत्वों ने इस पोट्रेट में से ममता बनर्जी का गला काट दिया.

मामले में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने कांकसा पुलिस से लिखित में शिकायत दर्ज कराई है. टीएमसी कार्यकर्ताओं की मांग है कि मामले में आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो.

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