कोलकाताः पश्चिम बंगाल में रविवार को रामनवमी के अवसर पर बजरंग दल द्वारा रैली में हथियार लहराए जाने के बाद राज्य के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा सुलग उठी है. खासतौर पर मुर्शिदाबाद और रानीगंज से हिंसा की खबरें आई हैं.

इस सबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हथियारों पर बैन लगाए जाने के बावजूद इन्हें रैली में लाया गया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कभी राम को बंदूक लिए किसी ने देखा है.  उन्होंने कहा, क्या राम ने कहा है अपने पास पिस्तौल रखने को…?उन्होंने कहा कि बंगाल में काली पूजा, दुर्गा पूजा समेत कई दूसरे पर्व बड़ी ही शांति और सौहार्द भरे माहौल में मनाए जाते हैं.

बता दें कि रविवार सुबह पुरुलिया इलाके में बजरंग दल के सदस्यों ने हाथों में तलवार ले व जय श्री राम के नारे लगाते हुए रैली निकाली थी. कहा जा रहा है कि प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी लेकिन इसके बाद भी बजरंग दल ने रैली में हथियारों का प्रदर्शन किया. पुरुलिया इलाके के अलावा सिलीगुड़ी में भी राम मंदिर महोत्सव समिति ने तलवारों के साथ रैली निकाली.

इसी बीच पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बजरंग दल पुरुलिया के जिला कोऑर्डिनेटर और अतिरिक्त जिला कोऑर्डिनेटर को समन किया है. इन्हें 12 अप्रैल को आयोग के दफ्तर में पेश होने को कहा गया है क्योंकि राम नवमी पर बजरंग दल द्वारा निकाली गई रैली में 10 बच्चों को तलवार लहराते देखा गया था.

इधर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि ‘हमलोग यह पूजा सालों से मनाते आ रहे हैं और कोई हमें त्योहार मनानेे से नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वो शांति व्यवस्था बनाए रखे’.

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