उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा चीफ मायावती ने मुस्लिमों के लिए आरक्षण की मांग की है। लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 के पारित होने के बाद उन्होने ये मांग की है।

बीएसपी चीफ ने कहा, ‘अगर केंद्र सरकार संविधान में संशोधन कर ऊंची जाति के गरीबों को आरक्षण देने का कोई कदम उठाती है तो बसपा इसका पहले स्वागत करेगी। चूंकि मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों में काफी गरीबी है। ऐसे में अगर केंद्र सरकार ऊंची जाति के गरीबों के लिए कोई कदम उठाती है तो मुसलमानों और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।’

मायावती ने कहा विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ही केंद्र सकार ने मजबूरी में एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून को पहले की तरह मूल रूप में बहाल करने संबंधित संशोधन विधेयक लाया। जो लोकसभा में पास हो गया है। बसपा को उम्मीद है कि ये राज्यसभा में भी जरूर पास हो जाएगा।

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उन्होंने कहा​ कि इस विधेयक को काफी देर से लाया गया, जिसके कारण इन वर्गों को काफी नुकसान हुआ है। फिर भी बसपा इस विधेयक का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनकी पार्टी एससी-एसटी वर्गों के तमाम लोगों को देती है, जिसमें बसपा समर्थक भी शामिल हैं।

बता दें कि लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 पारित हो गया था। इस संशोधन के जरिए सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके तहत एससी/एसटी अत्याचार निवारण के मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी।

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