नई दिल्ली | भारत कल अपनी आजादी के 71वे साल में प्रवेश कर जायेगा. मंगलवार को पुरे भारत में 71वे स्वतंत्रता दिवस को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा. इस दौरान सभी स्कूल, कॉलेजो में ध्वजारोहण के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे. इसी बीच स्वतंत्रता दिवस मनाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का एक सर्कुलर पुरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल योगी सरकार ने सभी मदरसों को आदेश दिया है की वो सरकार के निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्वतंत्रता दिवस का आयोजन करे.

इसके अलावा सरकार ने पुरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने का भी आदेश दिया है. इस तरह केवल मदरसों के लिए सर्कुलर जारी करना कई मुस्लिम संगठनो और नेताओ को नागवार गुजरा. उन्होंने इसे उनकी देशभक्ति पर एक सवालिया निशान करार दिया. उधर समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली तो एक कदम आगे बढ़ गए और उन्होंने इस पूरी घटना को मजहब के साथ जोड़ते हुए कहा की हम पहले मुस्लिम है फिर भारतीय.

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देवबंद से बीजेपी नेता ब्रिजेश सिंह से चुनाव हारने वाले माविया अली ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा की हम राज्य सरकार के इस फैसले को मानने के लिए बिलकुल भी तैयार नही है. उनका केवल मदरसो के लिए इस तरह का सर्कुलर जारी करना साफ़ दर्शाता है की उनका यह कदम एंटी इस्लामिक है. इसलिए मैं कहना चाहूँगा की हम पहले मुस्लिम है , इसके बाद भारतीय. उनके बयान से स्पष्ट है की उनके लिए धर्म पहले है और देश बाद में.

माविया अली यही नही रुके उन्होंने आगे कहा की अगर कोई स्थिति ऐसी आ जाये की जिससे की हमारे और इस्लाम के बीच दरार पैदा होती हो तो हम संविधान के द्वारा उसके साथ खड़े नही होंगे. हम केवल इस्लाम के लिए खड़े रहेंगे. बताते चले की माविया अली इससे पहले भी इस तरह के बयान दे चुके है. उन्होंने दो साल पहले विश्व हिन्दू परिषद की नेता साध्वी प्राची के लिए कहा था की अगर उनकी हत्या भी कर दी जाती है तो इसमें कोई नुक्सान नही है.