लखनऊ | उत्तर प्रदेश चुनावो में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन को लेकर पिछले एक हफ्ते से चल रहा सस्पेंस शायद अब ख़त्म हो गया है. समाजवादी पार्टी की तरफ से कहा गया है की कांग्रेस की साथ अब गठबंधन नही होगा. हालाँकि कांग्रेस अभी भी आशान्वित है. अखिलेश को समाजवादी की कमान मिलने के बाद इस बात की पूरी उम्मीद थी की सपा-कांग्रेस-रालोद के बीच महागठबंधन होगा. लेकिन रालोद पहले ही इस गठबंधन से अलग हो गया.

रालोद के अलग होने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में सीटो के बटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया. पहले महागठबंधन में कांग्रेस को 89 सीटें मिल रही थी जबकि रालोद को 20. रालोद के अलग होने के बाद कांग्रेस ने ज्यादा सीटो की मांग की जिसे अखिलेश ने नही माना. मिली जानकारी के अनुसार , कांग्रेस 120 सीटो पर लड़ने के लिए अडी है लेकिन अखिलेश 100 से ज्यादा सीटें देने के मुड में नही है.

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फिलहाल समाजवादी पार्टी की तरफ से गठबंधन टूट चूका है. सपा के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने एएनआई से बातचीत में कहा की करीब करीब गठबंधन टूट चूका है. मुख्यमंत्री जी कांग्रेस को 100 सीटें देने के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस 120 सीटो से नीचे नही उतर रही है. जबकि हमने साफ़ कर दिया है की हम 300 कम सीटो पर नही लड़ेंगे. 250 से ज्यादा हमारे मौजूदा विधायक है. कांग्रेस के अड़ियल रवैये के कारण गठबंधन नही हो पाया.

हालाँकि कांग्रेस अभी गठबंधन को लेकर आशान्वित है. कांग्रेस ने गठबंधन टूटने की खबरों का खंडन किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी गुलाब नबी आजाद ने कहा की सुबह तक का इन्तजार कीजिये. वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा की अभी तक बातचीत में किसी भी तरह की कोई रुकावट नही है. कांग्रेस के बयानों से लगता है की वो अपने रुख से पीछे हट सकती है और 100 सीटो पर लड़ने के लिए हामी भर सकती है.

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