आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा गठबंधन का शनिवार को औपचारिक एलान हो सकता है। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा मुखिया अखिलेश यादव की शनिवार को साझा पत्रकार वार्ता कर सकते है। जिसमे दोनों नेता लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने का औपचारिक एलान करेंगे।

राष्ट्रीय लोकदल के किसी नेता के कल की प्रेस कांफ्रेंस में शामिल होने के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है। हालांकि रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने शुक्रवार को यह तो स्वीकार किया कि गठबंधन तय है लेकिन सीटों के बंटवारे पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कांग्रेस के इस गठबंधन में शामिल होने या न होने पर भी कहा कि सपा और बसपा बड़े दल है। वही इस बारे में तय करेंगे।

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बता दें कि लगभग पच्चीस वर्षों बाद सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जहां तक लोकसभा चुनाव का सवाल है तो पहली बार दोनों पार्टियां परस्पर गठबंधन करके मैदान में उतरने जा रही हैं। इससे पहले 1993 में दोनों पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया था। उस समय यह गठबंधन बसपा के तत्कालीन सर्वेसर्वा कांशीराम और सपा के उस समय मुखिया मुलायम सिंह यादव के बीच बातचीत के बाद हुआ था। हालांकि मायावती भी उस समय सक्रिय राजनीति में आ चुकी थीं और कांशीराम के बाद बसपा में महत्वपूर्ण भूमिका में थीं।

संयोग यह है कि तब भी भाजपा को रोकने के लिए दोनों दल एक साथ आए थे और इस बार भी गेस्ट हाउस कांड की दुश्मनी भुलाकर भाजपा को रोकने के लिए ही दोनों दल एक साथ आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सपा और बसपा के बीच 37-37 सीटों पर सहमति बन गई है। दो सीटें रायबरेली व अमेठी कांग्रेस के लिए छोड़ने का फैसला किया गया है। शेष सीटें रालोद व गठबंधन में शामिल होने वाले अन्य दलों को दी जा सकती हैं।

इसी बीच कांग्रेस ने यूपी के दोनों बड़े नेताओं को संदेश देते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी की अनदेखी करना खतरनाक गलती हो सकती है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, मैं यह स्पष्ट कर दूं कि समान विचार वाली सभी पार्टियों का उद्देश्य कांग्रेस की तरह यही है कि इस देश से कुशासन हटाया जाए, तानाशाही को हटाया जाए। यह सबका समान उद्देश्य है।हमें इस उद्देश्य के लिए काम करना है।

उन्होंने कहा कि हर पार्टी की जिम्मेदारी होती है कि वह उस परिणाम को लेकर तालमेल कायम करे और उसे सुनिश्चित करे। इस तरह की हर पार्टी की ऐसा करने के लिए  प्रतिबद्ध है। जो ऐसा नहीं करते हैं, उन्हें जनता द्वारा दोषी ठहराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का प्रजेंस और आधार है।

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