अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी का मुकाबला के लिए कांग्रेस अपनी तैयारियों में जुट गई है. जिसके तहत कांग्रेस सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में लगी है.

इसी कड़ी में मंगलवार को सोनिया गांधी ने सभी विपक्षी पार्टियों के प्रमुखों को डिनर के लिए आमंत्रित किया. हालांकि डिनर पार्टी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुसलमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी को आमंत्रित नहीं किया गया. इसके अलावा डिनर पार्टी के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव को भी कांग्रेस ने न्योता नहीं भेजा.

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने तीन मार्च को थर्ड फ्रंट के गठन की संभावना पर जोर देते हुए कहा था कि आजादी के बाद 70 सालों में से 64 सालों तक कांग्रेस या बीजेपी का शासन रहा है मगर आज तक देशवासियों को शुद्ध पानी तक मयस्सर नहीं हो सका है.

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केसीआर ने राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में बदलाव की वकालत की और कहा कि गैर बीजेपी और गैर कांग्रेसी गठबंधन पर जोर दिया जाना चाहिए. केसीआर के थर्ड फ्रंट को सबसे पहले ओवैसी ने ही अपना समर्थन दिया. वहीँ एनसीपी प्रमुख शरद पवार और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी भी थर्ड फ्रंट की संभावना में जुटी हुई है.

कांग्रेस की और से आमंत्रित नहीं किये जाने पर टीआरएस नेताओं का कहना है कि उन्हें सोनिया की डिनर पार्टी में शामिल होने के न्योते की उम्मीद भी नहीं थी. उनका कहना है कि अगर कांग्रेस टीआरएस को आमंत्रित करती, तभी भी डिनर पार्टी में शामिल होने का सवाल पैदा नहीं होता था.

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